अयोध्या विवाद पर सुनवाई पूरी, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद की सुनवाई पूरी हो गई है। अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा है। सबसे आखिर में मुस्लिम पक्ष की ओर से दलीलें रखी गईं। अब सुप्रीम कोर्ट ने लिखित हलफनामा, मोल्डिंग ऑफ रिलीफ को लिखित में जमा करने के लिए तीन दिन का समय दिया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने  अयोध्या मामले में दोनों पक्षों को आज शाम पांच बजे तक बहस खत्म करने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “बहुत हो गया। अयोध्या मामले में दोनों पक्ष आज शाम पांच बजे तक बहस पूरी कर लें।”

बुधवार को जब सुनवाई शुरू हुई तो सभी पक्षकारों ने अपनी ओर से लिखित बयान अदालत में पेश किए। सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान किसी भी टोका-टाकी पर मनाही की है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा है कि अब बहुत हुआ, शाम 5 बजे तक इस मामले में पूरी सुनवाई पूरी होगी। और यही बहस का अंत होगा।

हिंदू महासभा के वकील विकास सिंह ने ऑक्सफोर्ड की एक किताब का हवाला दिया और मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने किताब के नक्शे को फाड़ दिया। वकील के इस रवैये से सीजेआई रंजन गोगोई नाराज दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो वह उठकर चले जाएंगे।

सीजेआई गोगोई ने अखिल भारतीय हिंदू महासभा का अयोध्या मंदिर को लेकर दी गई दलील पर कहा, ‘यदि इस तरह की बहस जारी रहेगी तो हम उठकर चले जाएंगे।’ इसपर हिंदू महासभा के वकील ने कहा, ‘मैं अदालत की बहुत इज्जत करता हूं। मैंने न्यायालय के शिष्टाचार को भंग नहीं किया है।’

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या के रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर आखिरी सुनवाई से पहले मुस्लिम पक्ष की ओर से इस मामले में मध्यस्थता की खबरों का खंडन किया गया है। मुस्लिम पक्ष की ओर से पक्षकार इकबाल अंसारी के वकील एम आर शमशाद ने एक बयान जारी कर कहा है कि सुन्नी वक्फ बोर्ड ने जमीन पर दावा छोड़ने की बात नहीं की है, ये सभी अफवाह हैं।

मंगलवार को 39वें दिन सुनवाई हुई तो रामलला विराजमान के वकील सीएस वैद्यनाथन ने कहा कि उन्हें दलील पूरी करने के लिए बुधवार को एक घंटा चाहिए। इस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि बुधवार को 40वां दिन है और यह आप लोगों की दलीलों का आखिरी दिन है। आपने लिखित दलीलें हमें दे रखी हैं। जब वैद्यनाथन ने कहा कि मसला गंभीर है और आपको सुनना चाहिए तो चीफ जस्टिस ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह तो फिर दिवाली तक सुनवाई चलती रहेगी।

बुधवार को दोनों पक्षकारों के लिए टाइम स्लॉट मंगलवार को ही तय कर दिया गया है। अगर आज सुनवाई पूरी हो जाती है, तो यह सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित तारीख से एक दिन पहले पूरी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई पूरी करने के लिए 17 अक्टूबर का शेड्यूल तय कर रखा है। आज दोनों पक्षकारों की दलील के बाद मोल्डिंग ऑफ रिलीफ पर दलील पेश की जाएगी और इसके बाद फैसला सुरक्षित कर लिया जाएगा।

यह भी पढ़ेंः न्यूजीलैंड की राजदूत बन अपने पहाड़ पहुंची बेटी तो हुआ भव्य स्वागत

यह भी पढ़ेंः मंगलवार को सड़क हादसों से सहमा उत्तराखण्ड, 7 लोगों की मौत

यह भी पढ़ेंः कमाल की गेंदबाजी, अपने पहले ही मैच में उत्तराखण्ड के मयंक ने सभी को छोड़ा पीछे