Uttarakhand News

उत्तराखंड:बार्डर पर प्रवेश करते समय केवल रजिस्टर में नाम लिखवाओं और प्रवेश पाओ!

Ad

अनलॉक-5 के लागू होने के बाद से उत्तराखंड में सैलानियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसका कारण है नियमों में छूट… जो पहले नहीं थी। क्वारंटाइन होने के डर से सैलानी यात्रा करने से बच रहे थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। उत्तराखंड प्रदेश में अन्य प्रदेशों से आने वाले यात्रियों, श्रद्वालुओं, सामान्य नागरिकों को पूरी तरह से छूट दे दी गई है। ई-पास प्रलाणी तो पहले ही समाप्त हो गई थी। बार्डर पर कोरोना की जांच कराने या रिपोर्ट साथ में रखने की बाध्यता समाप्त कर दी है। बाहर से आने वालों को बार्डर पर प्रवेश करते समय केवल रजिस्टर में नाम लिखवाओं और प्रदेश में प्रवेश पाओ।

ADVERTISEMENTS Ad

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड: नाराज ग्रामीणों ने निकाला विरोध, 30 किमी नंगे पैर चलकर देने पहुंचे ज्ञापन

यह भी पढ़ें: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस: बीमारी को मात देने के लिए उसकी पहचान जरूरी: डॉक्टर नेहा शर्मा

बता दें कि इससे पहले उत्तराखंड प्रदेश में प्रवेश करने पर कोविड की जांच रिपोर्ट या न होने पर बार्डर पर कोविड जांच कराने की बाध्यता लगा दी थी। लोगों को यह नियम काफी परेशान कर रहा था। विरोध के बाद सरकार ने मंथन किया और फिर इस फैसले को वापस लिया गया। इसके अलावा क्वारंटाइन का नियम भी समाप्त कर दिया है। हरिद्वार में बढ़ी संख्या श्रद्वालुओं का आवगमन हो रहा है। डीएम सी रविशंकर ने बताया कि निःसंदेह अनलाॅक की वजह से आने वाले लोगों की तादात बढ़ी है, लेकिन स्मार्टसिटी पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी है।

यह भी पढ़ें: अच्छी खबर: 71 किमी लंबी रोड का निर्माण,कुमाऊं और गढ़वाल की दूरी होगी कम

बाघ एक्सप्रेस: नए नाम के साथ 7 महीने बाद काठगोदाम-हल्द्वानी से चलेगी, पूरी डिटेल…

बाहर से आने वालों को प्रवेश थर्मल स्क्रीनिंग करने के पश्चात ही दिया जाता है। पाॅजिटिव होने की स्थिति में बाॅर्डर से उन्हें प्रवेश नहीं दिया जाता है। इसके अतिरिक्त बस के माध्यम से जो आ रहे हैं, उनके लिये केवल रजिस्ट्रेशन कराने की व्यवस्था भी की है। इन सभी में कोविड-19 के लिए जारी गाइडलाइन का पूरा पालन किया जा रहा है। नियमों में ढिलाई कर दिए जाने से यात्रियों की संख्या बढ़ी है, इससे जगह—जगह पुलिस बल भी तैनात किया जा रहा है, ताकि सभी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

ADVERTISEMENTS Ad Ad
To Top