जरूरी जानकारी, पूर्णागिरि के लिए देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य

हल्द्वानी: राज्य में तमाम सेवाओं को खोल दिया है। सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को भी मंदिर में दर्शन करने की अनुमति दी गई है। कोरोना वायरस के आंकड़े भी कम हो रहे हैं और उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में चीजे अच्छी हो जाएंगी। कोरोना वायरस के प्रति जागरूकता ऐर सुरक्षा के लिए प्रशास, विभाग और सरकार लगातार काम कर रहे हैं। त्योहारों को देखते हुए लोगों को राहत दी गई है। इसी क्रम में मां पूर्णागिरि धाम में शारदीय नवरात्र से उत्तराखंड के बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी दर्शन के लिए आने की अनुमति दी गई है। सभी को देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। यह पंजीकरण उत्तराखंड आने व एक दूसरे से दूसरे जिलों में जाने वालो के लिए अनिवार्य है लेकिन पूर्णागिरी धाम पहुंचने वाले कई श्रद्धालुओं के पास यह जानकारी नहीं है और इस वजह से उन्हें सीमा से वापस लौटना पड़ रहा है। 

मंगलवार को देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल में तकनीकी खराबी के आने से पूर्णागिरी यात्रा में निकले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। दूसरे राज्यों से आए श्रद्धालुओं को जिले की सीमा जगबुड़ा पुल से लौटना पड़ा क्योंकि उनके पास पंजीकरण नहीं था। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि यात्रियों के लिए सीमा में एंट्री हेतु इस वेबसाइट पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। ऑनलाइन पंजीकरण में तकनीकी खराबी आ सकती है और इसे देखते हुए मां पूर्णागिरि मंदिर पदाधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं का राहत देने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण केंद्र खोलने की मांग की जाने है।

शारदीय नवरात्र के शुरू होने से पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालू मां पूर्णागिरि धाम पहुंचने लगे हैं। इन दिनों रोज पांच सौ से ज्यादा श्रद्धालु देवी मां के दर्शन को पहुंच रहे हैं। देवी मां के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना संक्रमण से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए समिति ने भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक स्वयंसेवक तैनात किए हैं।

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