आधुनिक शिक्षा प्रणाली ने शैमफॉर्ड स्कूल को दी स्मार्ट पहचान

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हल्द्वानी: आगें बढ़ने के लिए वक्त के साथ बदलना जरूरी होता है। वक्त के साथ बदलने का मतलब ये नहीं कि आप रास्ते और सोच बदले बल्कि कार्यशैली बदलाव से है। देश शिक्षा के क्षेत्र में काफी तेजी से आगें बढ़ रहा है। इसका मुख्य कारण है स्कूलों में अच्छी पढ़ाई। इंडिया आगें बढ़ रहा है वो स्मार्ट तकनीक के साथ। इस क्रम में हल्द्वनी शहर का एक ऐसा भी स्कूल है जिसने केवल तीन सालों में स्मार्ट शब्द को अपने नाम के आगे जोड़ा है।

हल्द्वानी मोतीनगर स्थित शैमफॉर्ड स्कूल आज शहर के उन स्कूलों में अपनी नाम शामिल कर रहा है जिसका इतिहास पुराना होने के बाद यादगार रहा है। सबसे पहले इस स्कूल ने ग्रामीण क्षेत्र में विकास की ओर कदम बढ़ाया है। स्कूल में होने वाली गतिविधियों में गांव के लोगों को हमेशा जोड़ा जाता है। वहीं बच्चे रैली निकालकर भी पूरे क्षेत्र में समाजिक संदेश पहुंचाते रहते हैं। स्कूल बच्चों की पढ़ाई में बिसिक गतिविधियों को जोड़ने के पक्ष में रहा है और उसे मजबूती देने के लिए आधुनिक जैसे स्मार्ट कक्षाओं की मदद ले रहा है। शैमफॉर्ड स्कूल केवल भारत में हीं नहीं बल्कि विदेशों में भी है और इसकी बढ़ती हुई संख्या स्कूल की कामयाबी के बारे में बता रही है।

चेयरमेन दयासागर बिष्ट का कहना है कि शैमफॉर्ड स्कूल की कमयाबी के पीछे छात्र-छात्राओं और अध्यापकों का हाथ रहा है। स्कूल में केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि सभी विभागों में ध्यान दिया जाता है। पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने के लिए खेलों की भूमिका को हम नहीं भूल सकते। यही कारण है कि स्कूल के छात्र अन्य विभागों में भी कामयाब होते रहे हैं। हर साल छात्रों की तरह स्कूल को भी परीक्षा से गुजरना पड़ता है और उनका प्रदर्शन स्कूल को पहचान को स्थापित करता है।