नई दिल्ली: दूसरा टी-20 भारत के लिए अच्छा नहीं रहा। सेंचुरियन में भारतीय टीम को 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा धोनी का पांडे को गुस्सा भी हार के अलावा सुर्खियों में थे। भारत ने साउथ अफ्रीका के सामने 20 ओवर में 189 रनों का लक्ष्य रखा था। भारत की ओर नाबाद 79 रन की जोरदार पारी खेलने वाले पांडे इस हार से निराश है। धोनी ने मैदान के बीच पांडे को जोरदार फटकार लगाई थी जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। फैंस धोनी की इस प्रक्रिया के बारे में पांडे के बयान इंतजार कर रहे थे। मैच के बाद बातचीत करते हुए पांडे ने कहा कि उन्होंने अपने कुछ मौकों के लिए इंतजार करते हुए मुश्किल समय का सामना किया है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें टीम में नियमित मौके मिलते रहे तो वो वनडे टीम के मध्यक्रम में जगह बना सकते हैं। पांडे ने दूसरे मैच में शानदार पारी खेली और पहले मैच में धीमी पारी पर आलोचना कर रहे लोगों को जवाब दिया। बता दें कि ये वहीं मैदान था जहां पांडे ने बतौर भारतीय पहली टी-20 सेंचूरी लगाई थी। उन्होंने 2009 आईपीएल में शतक जड़ा था।

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इसके अलावा 28 साल के मनीष पांडे भारतीय टीम से अंदर-बाहर होते रहे हैं। हालांकि जब भी मौका मिला, उन्‍होंने उसका फायदा उठाया। उनके 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में शतक भी शामिल है। पांडे ने मैच के बाद कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो यह (मौके के लिए इंतजार करना) मुश्किल होता है और यह आपके दिमाग मे बैठ जाता है। विशेषकर इस दौरे में मैंने इसे काफी महसूस किया लेकिन यही क्रिकेट है। आपको भारत जैसी टीम (जहां कई दिग्गज खिलाड़ी भरे हैं) में खेलने के लिए मौके का इंतजार करना होता है. इसलिए मैं अपनी तरफ से कोशिश कर रहा हूं।उन्होंने कहा, ‘मुझे नंबर चार पर कुछ मौके मिले और मैंने अच्छा प्रदर्शन किया।
कई बार बल्लेबाजी संयोजन के कारण मुझे नंबर पांच पर उतरना पड़ा। मैंने (पांचवें नंबर पर) अपनी तरफ से थोड़े प्रयास किये लेकिन मुझे भी लगता है कि मैं अपनी तरफ से थोड़ा बेहतर कर सकता हूं।’मनीष जानते हैं कि काम इतना आसान नहीं है लेकिन उनका मानना है कि अगर टीम में उन्हें लगातार जगह मिलती है तो वह खुद को नियमित चयन के योग्य साबित कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘भारत के पास वास्तव में शीर्ष क्रम में बहुत अच्छी लाइनअप है और वे वनडे में 30-35 ओवर खेल लेते हैं। विराट कोहली और फिर महेंद्र सिंह धोनी (कुछ अवसरों पर) जैसे खिलाड़ी मुझसे ऊपर बल्लेबाजी के लिये आते हैं।हां, अगर अधिक मौके मिलते हैं तो मुझे लगता है कि अभी मैं जो कुछ कर रहा हूं, उससे बेहतर कर सकता हूं। बता दे कि मनीष पांडे पूरी वनडे सीरीज के दौरान बाहर बैठे रहे और यहां तक कि केदार जाधव के चोटिल होने पर भी उन्हें नहीं चुना गया और श्रेयस अय्यर को मौका दिया गया।