नई दिल्ली: भारत के रेसलर बजरंग पूनिया ने 18वें एशियाई खेलों में पुरुषों की फ्री स्‍टाइल स्‍पर्धा के 65 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में जगह बना दी है। इस जीत के साथ उन्होंने भारत की स्वर्ण पदक उम्मीदों को बनाए रखा है।बजरंग पूनिया ने सेमीफाइनल मुकाबले में मंगोलिया के बाटमगनाई बैटचुलुन को 10-0 से मात दी और फाइनल में प्रवेश किया। बजरंग ने शुरू से ही शानदरा लय में दिखाई दे रहे थे। उन्होंने मंगोलिया के खिलाड़ी मुकाबले में अंक हासिल करने के ज्यादा मौके नहीं दिए। बजरंग के अलावा पहलवान पवन कुमार कांस्‍य पदक जीतने की होड़ में बने हुए हैं, उन्‍होंने एशियाई खेलों के मेजबान इंडोनेशिया के फेहरियनसयाह को पहले रेपचेज मुकाबले में 11-0 से हराया।

इसके बाद भारतीय पहलवान ने अपने विपक्षी पर दो-दो अंकों के लगातार चार दांव लगाते हुए 8-0 की बढ़त ले ली। बाटमगनाई बैटचुलुन को इस दौरान आंख के नीचे भी चोट लगी। पहले राउंड की समाप्ति के बाद तक बजरंग ने 8-0 की बढ़त ले ली थी। दूसरे राउंड में बजरंग ने एक और दो अंक का दांव खेल स्कोर 10-0 किया और तकनीकी दक्षता के आधार पर उन्हें विजेता घोषित कर दिया गया।अपने भारवर्ग में राष्ट्रमंडल चैम्पियन बजरंग के पास इंचियोन-2014 में एशियाई खेलों में जीते गए रजत पदक का रंग बदलने का मौका है।

कुश्ती में बजरंग और पवन को छोड़कर अन्‍य पहलवानों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। सुशील कुमार की पहले ही राउंड में हार के अलावा दूसरे दौर के मुकाबलों में जहां संदीप तोमर, योगेश खत्री और पवन कुमार क्वार्टरफाइनल में हार गए, तो बजरंग पूनिया सेमीफाइनल में पहुंचने वाले इकलौते पहलवान रहे। निराशाजनक बात यह रही कि सुशील कुमार कांस्य पदक ही होड़ से भी बाहर हो गए हैं।सुशील कुमार को पहले ही राउंड में हराने वाले बहरीन के एडम बैतिरोव फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रहे। इस कारण दोनों पहलवानों के बीच रिपेज राउंड की उम्मीदें भी खत्म हो गईं।