फर्जीवाड़ा कर उत्तराखण्ड क्रिकेट टीम में एंट्री, अब लगा दो साल का बैन

हल्द्वानी: क्रिकेट को हमारे देश में धर्म मनाता जाता है। हर घर का लड़का सबसे पहले क्रिकेटर बनने के सपने देखता है। क्रिकेट में एंट्री के लिए वह कई प्रयास करता है। उम्र कम कराकर टीम में शामिल होने के कई मामले सामने आए हैं। दूसरे स्टेट से खेलने के लिए कई खिलाड़ी उम्र कम और अलग जन्मप्रमाण पत्र भी बनाते हैं। कई मामलों में खिलाड़ियों के दो जन्म प्रमाण पत्र भी सामने आए हैं। अंड़र-19 उत्तराखण्ड टीम के बाद राज्य की अंडर-23 टीम के एक खिलाड़ी को फर्जीवाडे के कारण दो साल का बैन लगाया है।

उत्तराखंड के अंडर-23 प्लेयर हिमांशु शर्मा की जन्मतिथि के दस्तावेजों फर्जीवाड़ा सामने आया है। हिमांशु ने जन्म प्रमाणपत्र दिल्ली व उत्तराखंड से अलग-अलग जारी कराए हैं यह बीसीसीआई जांच में सामने आया है। बोर्ड ने हिमांशु पर दो साल का बैन लगा दिया। इस बारे में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड को भी मेल के माध्यम से जानकारी दी गई है। बीसीसीआई ने सीएयू को बताया है कि हिमांशु ने वर्ष 2014-15 में डीडीसीए से खेलने के लिए दिल्ली नगर निगम से जन्म प्रमाणपत्र जारी कराया था और अब वर्ष 2019-20 में सीएयू से खेलने के लिए उत्तराखंड से भी जन्म प्रमाणपत्र जारी करा दिया जो नियमों का उल्लंघन है।

सीएयू के सचिव महिम वर्मा ने भी बीसीसीआई की जांच में अंडर-23 प्लेयर हिमांशु के जन्म प्रमाणपत्र गलत पाए जाने की बात की पुष्टि की है। हिमांशु को नोटिस जारी किया जा रहा है। बीसीसीआई ने सीएयू को हिमांशु के खिलाफ  आवश्यक कार्रवाई करने को निर्देशित किया है।

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