बेटे के लिए पिता ने साइकिल में बेचा दूध, बेटा आज बन गया टीम इंडिया का कप्तान

हल्द्वानी: सपने पूरे जरूर होते हैं। उन्हें देखना और उसके लिए परिश्रम करना हमें कभी नहीं छोड़ना चाहिए ये कहना है कि प्रियम गर्ग के पिता का, जिन्होंने अपनी मेहनत से बेटे को अंडर-19 टीम इंडिया कप्तान बना दिया। साल 2020 में साउथ अफ्रीका में होने वाले अंडर-19 विश्वकप के लिए प्रियम गर्ग को भारतीय टीम का कप्तान बनाया गया है।

पिता नरेश गर्ग ने बेटे को क्रिकेटर बनाने का सपना देखा। सामने कई चुनौतियां थी। प्रियम जब 11 साल के थे तो उनकी मां का निधन हो गया था। प्रियम को क्रिकेट के मैदान पर जिंदगी देने का फैसला पिता ने कर दिया था तो वह पीछे कैसे हटते। बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए उन्होंने साईकिल से घर-घर जाकू दूध बेचा। बेटे ने भी पिता को निराश नहीं किया और देश के प्रतिभावान खिलाड़ियों की सूची में अपना नाम दर्ज कराया।

पिता को दिया कामयाबी का श्रेय

अपनी कामयाबी का श्रेय प्रियम ने पिता को दिया। उन्होंने कहा कि मुझे क्रिकेटर बनाने के लिए पापा ने दूध बेचा और ड्राइवर भी बनें। पिता ने बेटे के कप्तान बनने पर खुशी जाहिर की और विश्वकप जीत का आर्शीवाद दिया। बता दें कि टूर्नामेंट दक्षिण अफ्रीका में 17 जनवरी से शुरू होगा। फाइनल 9 फरवरी को खेला जाएगा। भारत का पहला मुकाबला श्रीलंका से 19 जनवरी को होगा।

घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन

प्रियम का घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन शानदार रहा है। 37 घरेलू मुकाबलों में प्रियम ने 3 शतक और 10 फिफ्टी जमाई है। डेज़ मुकाबलों में उनका औसत 66.69 और वनडे में 41.46 रहा है। प्रियम का जन्म 30 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुआ। वे अपने राज्य की टीम से खेलते हैं। उन्होंने अपना पहला फर्स्ट क्लास मैच नवंबर 2018 में गोवा के खिलाफ खेला था। दाएं हाथ के बल्लेबाज ने प्रथम श्रेणी में दोहरा शतक भी लगाया है। वे देवधर ट्रॉफी में उपविजेता रही इंडिया-सी की ओर से खेले थे। फाइनल में प्रियम ने इंडिया-बी के खिलाफ 74 रन की पारी खेली थी।  

छोड़ दिया था क्रिकेट

2011 में प्रियम की मां कुसुम देवी का बिमारी के कारण निधन हो गया था। तब प्रियम की उम्र 11 साल थी। इसके बाद उन्होंने एकेडमी जाना छोड़ दिया था। पिता के समझाने के बाद उन्होंने दोबारा क्रिकेट खेलना शुरू किया। मां चाहती थी कि बेटा खेलकूद छोड़कर पढ़ाई पर ध्यान दे और बड़ा अधिकारी बने। पिता ने दूध का काम छोड़ दिया है। फिलहाल, वे स्वास्थ विभाग में ड्राइवर हैं। बहन पूजा, ज्योति, रेशु और भाई शिवम ने प्रियम के कप्तान बनने पर खुशी जताई है।