देहरादून:कामयाबी की कोई रुकावत नहीं होती है। रुकावत तो केवल बहाना होता है जो व्यक्ति द्वारा जन्माया गया है। अगर किसी ने कुछ करने की ठान ली है तो वो जरूर लक्ष्य जरूर हासिल होगा। देवभूमि के एक बेटे ने परीक्षा में कुछ ऐसा किया है जो पीढ़ियों को सालों तक प्रेरित करेगा। पिता रेलवे प्लेटफॉर्म पर चाय बेचते है और बेटे ने आईसीएसी में टॉप मार दिया है। गणित और कैमेस्ट्री में तो देवभूमि का व्योम गुप्ता 100 प्रतिशत नंबर लाया है।

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 ऋषिकेश पब्लिक स्कूल के छात्र व्योम गुप्ता व्योम गुप्ता ने आईएससी 12वीं की परीक्षा में तीर्थनगरी में टॉप मारा है। व्योम ने जेईई मैन में भी अपने कौशल का लोहा मनवाया था।सोमवार को घोषित आईएससी 12वीं के परीक्षा परिणामों में नगर के शीर्ष पर रहे व्योम गुप्ता ने न सिर्फ अपने स्कूल बल्कि शहर का नाम भी रोशन किया। व्योम की कामयाबी ने लोगों को भावुक भी किया है। पिता संजय गुप्ता रेलवे रोड पर करीब दो दशक से चाय की ठेली लगाकर अपनी आजीविका कमा रहे हैं। आर्थिक तंगी के कारण भी व्योम ने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनाई। उसने इन सभी से प्रेरणा लेकर कुछ अलग करने का ठाना और आज नतीजा सभी के सामने है। जेईई और इंटर के बाद व्योम गुप्ता एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में अपना भविष्य सवारना चाहते हैं।

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व्योम ने अपनी कामयाबी का क्षेय पिता संजय गुप्ता और माता आरती गुप्ता को दिया। उसने बताया कि माता-पिता ने आर्थिक तंगी के बाद भी मुझे किसी भी चीज की कमी महसूस नहीं होने थी। व्योम ने बताया कि अगर पढ़ाई के क्षेत्र में कामयाबी पानी है तो 7-8 घंटे पढ़ना जरूरी है। खाली समय में उन्हें कंप्यूटर गेम खेलने का शौक है। पिता संजय गुप्ता ने अपने बेटे की कामयाबी को उसकी मेहनत का परिणाम बताया। व्योम की कामयाबी के बाद स्कूल के प्रधानाचार्य एसएस भंडारी ने भी बधाई देते हुए उसे उज्जवल भविष्य की कामना की।ऋषिकेश पब्लिक स्कूल के छात्र व्योम गुप्ता ने आईसीएसई परीक्षा ने सर्वाधिक 98 प्रतिशत अंक हासिल कर तीर्थनगरी में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।