हल्द्वानी: पिछले कुछ वक्त से थायराइड लोगों को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है। अधिकतर केस में महिलाएं इससे परेशान रहती है। थायराइड के मरीज को कई प्रकार की परेशानी होने लगती है, इनमें से वजन बढ़ना और घटना मुख्य रूप से देखा जाता है। थायराइड के कारण मेटाबॉलिज्म की दर धीमी पड़ जाती है। इसका मतलब यह कि आप जो खाना खाती हैं, उसका आपकी एनर्जी की आवश्यकताओं के लिए उचित तरीके से इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।

ये लक्ष्यण दिखे तो डॉक्टर से ले सलाह

अधिकतर मामलों में थायराइड के शुरूआती लक्षण का पता आसानी से नही चल पाता, क्योंकि गर्दन में आने वाली छोटी सी गांठ को तो अक्सर सामान्य समस्या समझ लिया जाता है लेकिन इसके अलावा और भी कई लक्षण शरीर में दइकने लगते है, जिनको लेकर हम लोग अक्सर लापरवाही बर्त देते है, जो बाद में गंभीर समस्या बन जाती है। हल्द्वानी स्थित साहस होम्योपैथिक की डॉक्टर खुशबू पांडे महिलाओं में होने वाले थायराइड के कुछ लक्षणों के बारे में बता रही हैं।अगर बिना कोई काम किए शरीर थकावट या कमजोरी महसूस करने लगे तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें क्योंकि मेटाबॉलिज्म पर थायरॉक्सिन के प्रभाव से खाया गया खाना एनर्जी में नहीं बदल पाता तो शरीर थकावट और कमजोरी महसूस करने लगता है। इसके अलावा थकान का कारण एनीमिया भी हो सकता है।

डॉक्टर खूशबू बताती है कि हाइपोथायरायडिज्म थायरायड ग्रंथि से थायरायड हॉर्मोन के अपर्याप्त उत्पादन के कारण होता है। हाइपोथायरायडिज्म आयोडीन की कमी से या प्रसव पश्चात थायरोडिटिस के परिणामस्वरूप भी हो सकता है, यह एक ऐसी स्थिति है जो लगभग महिलाओं को बच्चे के जन्म देने के बाद एक वर्ष के भीतर प्रभावित करती है। कभी-कभी हाइपोथायरायडिज्म आनुवंशिक भी होता है और कभी कभी यह गुणसूत्र पर अप्रभावी लक्षण के रूप में भी पाया जाता है।