दून जाना होगा खर्चिला,हरिद्वार-देहरादून नेशनल हाईवे का इस्तेमाल करने वाले वाहनों से टैक्स वसूलने की तैयारी

लच्छीवाला ओवर ब्रिज से आगे मणिमाई मंदिर के पास टोल बैरियर का निर्माण हो रहा है। काम पूरा होने के बाद यातायात शुरू होगा और टोल टैक्स वसूलने की व्यवस्था भी शुरू हो जाएगी।

देहरादून: अब राजधानी जाने और आने के लिए लोगों की जेब पहले से ज्यादा ढीली होगी। व्यक्तिगत वाहनों से हरिद्वार से नेशनल हाइवे होते हुए देहरादून आने-जाने वालों को टोल टैक्स देना होगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। टोल टैक्स के लिए लच्छीवाला में टोल प्लाजा का निर्माण होने वाला है। बताया जा रहा है कि नए साल में इस व्यवस्था को शुरू किया जाएगा। इस बारे में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।

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जिस तरह दिल्ली और उत्तर प्रदेश नेशनल हाईवे में वाहनों से टोल शुल्क लिया जाता है, अब इसी तरह से उत्तराखंड की राजधानी में आने वाले वाहनों से भी टोल टैक्स लिया जाएगा। लच्छीवाला ओवर ब्रिज से आगे मणिमाई मंदिर के पास टोल बैरियर निर्माण का काम अंतिम चरण में है। देहरादून-डोईवाला-हरिद्वार हाईवे का चौड़ीकरण और ओवरब्रिज का निर्माण अगले साल होने वाले कुंभ मेले को देखते हुए किया जा रहा है। खबरों की मानें तो नवंबर माह के अंत में इसे पूरा कर लिया जाएगा। बाहर से आने वाले वाहन चालक भी फास्ट टैग के माध्यम से टैक्स चुका सकते हैं। फास्ट टैग का इस्तेमाल करने पर उन्हें टोल टैक्स देने के लिए बैरियर पर रुकना नहीं पड़ेगा।

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भानियावाला-लच्छीवाला बाईपास ओवरब्रिज पर यातायात के शुरू होने के बाद टोल शुल्क लेना शुरू कर दिया जाएगा। सांसद, विधायक और मंत्रिमंडल के सदस्यों के अलावा न्यायाधीश, परमवीर, अशोक, महावीर, कीर्ति और शौर्य चक्र पुरस्कार विजेता को टोल टैक्स नहीं देना पड़ेगा। इसके अलावा शासन-प्रशासन के अधिकारियों, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड के वाहनों से भी टैक्स नहीं लिया जाएगा। खेती में काम आने वाले ट्रैक्टर ट्रॉली और शव वाहनों को भी शुल्क के दायरे से बाहर रखा गया है। कुछ लोगों को टोल शुल्क में छूट भी दी जाएगी।स्थानीय वाहन स्वामी जो 20 किलोमीटर के दायरे मे आएंगे उनसे एक महीने में 330 रुपये शुल्क लिया जाएगा। उनकी आवाजाही पर किसी प्रकार की ओर लिमिट नहीं है।

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