नई दिल्ली: कौन कहता है कि जनता में चुनाव के प्रति गंभीरता नहीं हैं। गंभीरता तो फिर भी सही शब्द हैं पर कुछ लोग यहां अपने वोट को लेकर ,जरूरत से ज्यादा ही सचेत और पक्के मालूम पड़ते हैं । अब क्योंकि हर सरकार अपनी सत्ता में कुछ कमियाँ छोड़ ही देती है तो जा़हिर है हर नये चुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ कुछ लोंगो में विरोध की भावना चरम पर होती ही है। बीजेपी से ऐसी ही नफरत के चलते एक शख्स ने गलती से वोट तो डाल दिया पर वोट डालने वाली उसकी उंगली उसके गुस्से से बच नही पाई । और  गलत मत डालने वाली उंगली को मतदाता ने खुद काट दिया गया।

लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 18 अप्रैल (गुरुवार) को है। इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आठ लोकसभा सीटें नगीना, अमरोहा, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, आगरा और फतेहपुर सीकरी शामिल थी।इस चुनावी समर में 13 उम्मीदवार मैदान में थे।मुख्य मुकाबला बीजेपी के निवर्तमान सांसद भोला सिंह, कांग्रेस के बंशी सिंह और बसपा के योगेश वर्मा के बीच है। इन्हीं प्रत्याशियों के लिए हो रहे मतदान के दौरान एक युवक ने अपने हाथ की उंगली काट डाली क्योंकि मतदान के दौरान गलती से उसने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को वोट दे दिया। दरअसर, वोट डालते वक्त उसे चुनाव चिह्न हाथी का बटन दबाना था, लेकिन उसने गलती से कमल का बटन दबा दिया।। जब उसने इसका अहसास हुआ तो वो बेहद दुखी हुआ और घर आकर उसने वो उंगली ही काट दी जिससे वोट डाला था।

यह हैरान करने वाली घटना बुलंदशहर के शिकारपुर इलाके की है। सूचना के अनूसार मतदाता दलित समुदाय का है, ऐसे में बसपा का समर्थक है। मतदान के वक्त उसे जब अपनी गलती का अहसास हुआ तब तक बटन दब चुका था। यूपी में सपा-बसपा का गठबंधन है, ऐसे में एक दलित होने के नाते वो बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को वोट देना चाहता था।अब इसे पार्टी के प्रति गुस्सा कहें या फिर एक सिरफिरे की सनक यह समझ से बाहर है।

हैरानी की बात यह है कि पिछली बार बीजेपी के जिस उम्मीदवार को 62% मतों से भारी जीत मिली थी ऐसे उम्मीदवार के खिलाफ ऐसी प्रतिक्रिया आश्चर्य़ पैदा करती है। पिछले चुनाव में बीजेपी की सरकार लाने का इन्हें खुद पर इतना गुस्सा दिखाई पड़ता है कि पछतावे में मतदाता को खुद की उंगली काटने से भी परहेज नही, बीजेपी के प्रति दलित समाज की नाराजगी यह घटना साफ दर्शाती है।