रुड़की: पिता ने मासूम बेटे की हत्या कर शव खेत में फेंका, क्षेत्र में दहशत

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नई दिल्ली: पिता नाम बच्चे करे लिए सुरक्षा कवच जैसा होता है। बच्चा अपने पिता के आर्शीवाद को अपनी सुरक्षा के तौर पर देखता है। अगर की ममता की जगह दुनिया में कोई नहीं ले सकता है तो पिता जैसी सुरक्षा अपने बच्चे को कोई नहीं दे सकता है। जिस रिश्ते को पूरी दुनिया में पूजा जाता है उसे मंगलौर में एक पिता ने शर्मसार किया है। एक पिता ने अपने बेटे की हत्या कर उसके शव को खेत में फैंक दिया। यह घटना शनिवार की बताई जा रही है जिसका खुलासा सोमवार को हुआ है।

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खबर के मुताबिक मोहल्ला लालबाड़ा निवासी डॉक्टर सुशील अग्रवाल का पोता धैर्य अग्रवाल (5) शनिवार दोपहर को घर के बाहर खेल रहा था, इसी दौरान वो गायब हो गया। पिता शोभित अग्रवाल ने बच्चे के गायब होने की सूचना पुलिस और अपहरण का मामला दर्ज कराया।

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शोभित अग्रवाल ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह बेटे धैर्य को चिप्स दिलाने बाहर निकला था।इसके बाद वह धैर्य को उसके चाचा के पास छोड़कर चला गया।

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तब से ही बच्चा गायब है। एसपी (देहात) मणिकांत मिश्रा ने बताया कि जांच में लोगों से पता चला कि धैर्य को उसके पिता के साथ अलग-अलग जगहों पर देखा गया।इसके बाद कस्बे में विभिन्न जगहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। उसमें शोभित ही अपने बेटे को बाइक पर ले जाता दिखा।  मामले की जांच में जुटी  मंगलौर पुलिस को शोभित की गतिविधियों पर कुछ शक हुआ तो उसे पूछाताछ के लिए बुलाया गया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पुलिस को सब कुछ बता दिया।

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एसपी देहात मणिकांत मिश्रा के अनुसार आरोपी ने घटना वाले दिन बच्चे लेकर  आसफनगर पहुंचा। यहां से वह लिब्बरहेड़ी की ओर पहुंचा। उसने एक गन्ने के खेत में अपने पांच साल के मासूम बच्चे की गला घोंटकर हत्या कर दी। उसके बाद वह घर लौट आया। उसके बाद बच्चे के अपहरण की बात कहने लगा। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर गन्ने के खेत से शव को बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है।बताया जा रहा है कि आरोपी अपने पिता के साथ मेडिकल स्टोर पर बैठता था। उसकी आर्थिक स्थित ठीक नहीं थी। वह बच्चे का पालन-पोषण और पढ़ाई का खर्च नहीं उठा पा रहा था।  आरोपी हत्या के पीछे आर्थिक कारण बता रहा है लेकिन पुलिस अभी भी मामले की जांच कर रही है।