हल्द्वानी की इस एडवोकेट के कदम से अनाथ बच्चों के चहरे पर खिली मुस्कान

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हल्द्वानी: अपने परिवार के साथ त्योहार हर कोई मनाता है। घर पर त्योहार मनाने के लिए कॉलेज में पढ़ रहे बच्चे घर पहुंचते है और दिवाली के त्योहार की खुशियां साथ मनाते हैं। परिवार के साथ खुशी मनाने का मौका कुछ लोगों से किसी कारण से दूर रहता है। उन बच्चों से जो अनाथाश्रम में रहते हैं। जिनका अपना परिवार होते हुए भी उनके साथ नहीं रहता है।

उन लोगों को अपने परिवार का अंग बनाने के लिए हल्द्वानी की एडवोकेट बसंती वासु बिष्ट कालाढूंगी रोड फतेहपुर स्थित मिशन इंडिया अनाथाश्रम पहुंची। उन्होंने बच्चों के साथ धनतेरस के मौके पर वक्त गुजारा और मिठाई व पटाके दिए। इस मौके पर उनके साथ सुचित्रा बेलवाल,किशन सिंह और धीरज जोशी मौजूद थे। बच्चे उपहार पाकर काफी प्रसन्न हुए।

अनाथाश्रम पहुंची एडवोकेट बसंती बिष्ट ने कहा कि अपने परिवार के साथ तो हर कोई त्योहार मनाकर खुश होता है। जिन बच्चों का कोई नहीं है उनका परिवार बन खुशी के पल जीना एक अलग ही अनुभव देता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम बच्चों को भी प्रोत्साहित करते हैं और वो भी दुख के जाल से बाहर निकल पाते हैं।

एडवोकेट बसंती बिष्ट ने कहा कि  अनाथाश्रम में रह रहे बच्चे भी हमारे समाज का अंग है। उन्हें भी आगे बढ़ने का हक है और इस तरह की छोटी-छोटी खुशियां ही उन्हे आगे बढ़ने की हिम्मत देती है,बताती है कि वो भी जिंदगी में कामयाबी हासिल कर सकते हैं। इस मौके पर बच्चों ने बसंती बिष्ट को अपने बारे में बताया और कुछ कविता सुनाई। एडवोकेट बसंती बिष्ट लंबे वक्त से समाजिक कार्यों में अपनी भागेदारी पेश करती रही हैं।