धन्य है देवभूमि के यह गुरूजी ,सोशल मीडिया को बनाया हथियार,सरकारी स्कूल को मिलने लगी कमाल की मदद

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हल्द्वानी: सरकारी स्कूलों की बात करते है तो अधितकर लोग लापरवाही होने की बात बोलते हैं। उत्तराखण्ड में पिछले कुछ वक्त से सरकार स्कूलों के ढांचे के सुधार की तरफ कदम उठा रही है। इसके अलावा कुछ ऐसे शिक्षक भी है जो अपने कार्य से पढ़ने वाले छात्रों को नए भारत की निर्माण की ओर प्रेरित कर रहे हैं।

राजकीय प्राथमिक विद्यालय बजेला धौलादेवी अल्मोड़ा के सहायक अध्यापक भास्कर जोशी सोशल मीडिया की मदद से अपने विद्यालय की गतिविधियों में सामने लाते हैं। हल्द्वानी लाइव से बात करके शिक्षक जोशी ने बताया कि अगर कुछ बदलना है तो अपने घर से शुरुआत होनी चाहिए और मैं अपने स्कूल के बच्चों के साथ उसी दिशा में काम कर रहा हूं।  बता दें कि विद्यालय में सांस्कृति कार्यक्रम होते हैं।

शिक्षक जोशी करते हैं कि वो अपने सेवित क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार और उन्नयन हेतु विगत 6 वर्षों से संलग्न हु, सेवित क्षेत्र के बच्चो को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना मेरी पहली प्राथमिकता रही है।इस हेतु हम नए नए नवाचार विद्यालय मे करतें रहते है और उसे शिक्षा सुधि और आम जनो के साथ सभी social media जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर , ब्लॉगर और इसी कार्य के लिए बनाए facebook page  https://www.facebook.com/education.for.underprivileged/ पर साझा करतें है और अपने सीखने सिखाने की प्रक्रिया को और बेहतर करने का प्रयास करते हैं ।

हमारे इन्ही प्रयासों से प्रभावित हो कर कुछ NGO हमारे संपर्क मे आयें और दुर्गम एवं विकास से अछूते बजेला गाँव के बच्चो की मदद को आगे आएं है। KUK NGO या खुसी उन्नति केंद्र ने बच्चो को शाम को पढ़ाने के लिए गांव की ही एक शिक्षित युवतियों को 1500 रुपए के मानदेय पर नियुक्त किया है,जहाँ सभी बच्चें पढाई के साथ साथ नई नई गतिविधिया करतें है। इस संबंध से जहाँ गांव की बेरोजगार युवतियो को रोजगार मिला है।

वही बच्चों को निःशुल्क सायंकालीन कक्षाएं प्राप्त हो रही है ,और हमार शैक्षिक उन्नयन का प्रयास औऱ अधिक फलीभूत हो रहा है । साथ ही साथ KUK NGO ने भविष्य मे पढे लिखे बेरोजगार युवकों को मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण प्रदान करने और क्षेत्र के गरीब और वंचितो हेतु कंप्यूटर शिक्षा प्रदान करने की बात भी कही है।