विश्ववरिष्ठ जन दिवस के मौके पर अल्मोड़ा के इस स्कूल में बुजुर्गों का सम्मान, भावुक हुए अामा-बूबू

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अल्मोड़ा:  श्रवण कुमार के देश मे आज हमारे बुजर्ग हाशिये पर हैं। गांव मे कमोबेस यह स्थिति फिर भी सही है बहरहाल शहरों मे बुजुर्ग आज अज्ञातवास ,अकेलापन और उपेक्षा का शिकार है। जरूत है कि उनके अनुभव का लाभ लिया जिया और उनके साथ समान्य व्यवहार किया जाये। इसी क्रम मे सोमवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय बजेला धौलादेवी अल्मोड़ा मे ग्रामसभा के बुजुर्गों आमा-बुबु के साथ वरिष्ठ जन दिवस मनाया गया।

इस अवसर पर विशेष प्राथना सभा उपरांत बच्चो को श्रवण कुमार की कहानी सुनाई गई तथा बुजुर्गों से संबंधित अन्य नीति विचार दिए गए। तदुपरांत ग्रामसभा के बुजुर्गों का सम्मान किया और उनका आशीर्वाद लिया।  सभी बच्चों ने अपने दादा दादी के लिए ग्रीटिंग कार्ड और फूलों के बुगे प्रदान किया ।  बच्चों द्वारा सम्मान पाकर सभी बुजुर्ग काफी खुश नजर आ रहे थे।उन्होंने कहा कि यह सभी के लिए भावुक पल है। जब प्रेम के कारण आप किसी की आंखों मे आँसू ला दे तो फिर लिख कर उस भाव को प्रकट नही कर सकते उसे मात्र महसूस किया जा सकता है।

कार्यक्रम समाप्ति के सहायक अध्यापक भास्कर जोशी ने कहा कि विश्व वरिष्ठ जन दिवस केवल नाम के लिए सम्मान के लिए मनाया जाना चाहिए। हमारा समाज आगे बढ़ रहा है लेकिन उसके स्पेस से सम्मान नाम का शब्द धूमिल हो रहा है। उन्होंने कहा हमें ये नहीं भुलना चाहिए कि भविष्य में हम भी वृद्धा अवस्था में पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम आयोजन कराने का मकसद छात्रों को स्वच्छ समाज में बुजुर्गों की भागेदारी पर प्रकाश डालना था। भास्कर जोशी ने कहा कि युवा सफलता की सीढ़ी बिना अच्छे आचरण से नहीं पा सकता है और यह उसे अपने घर पर मौजूद बुजुर्गों से ही प्राप्त होता है।