हल्द्वानी लाइव: स्वामी सानंद की मौत की जिम्मेदार भाजपा सरकार, कांग्रेस ने की मुकदमा दर्ज करने की मांग

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हल्द्वानी: गंगा नदी की सफाई के लिए 112 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे पर्यावरणविद प्रफेसर जीडी अग्रवाल का गुरुवार को निधन हो गया। उन्‍हें पूरा भारत स्वामी सानंद के नाम से जाना जाता था। सिर्फ सानंद ही नहीं, कई और संत भी गंगा नदी की सफाई और जल प्रदूषण के मुद्दे पर बलिदान दे चुके हैं। गंगा के लिए विशेष ऐक्ट बनाने की मांग कर रहे जीडी अग्रवाल (स्वामी सानंद) ने सरकार को 9 अक्टूबर तक का समय दिया था। 87 साल के जीडी अग्रवाल ने 9 अक्टूबर तक मांग न पूरी होने के बाद 10 अक्टूबर से जल भी त्याग दिया था। बुधवार को प्रशासन ने उन्हें एम्स में भर्ती कराया था, जिसके बाद उनका निधन हो गया। डॉक्टरों ने मौत की वजह कमजोरी के कारण हुआ हार्ट अटैक बताया है।

हल्द्वानी में सरकार के खिलाफ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

स्वामी सानंद की मौत से कांग्रेस में भारी आक्रोश सामने आ रहा है। हल्द्वानी के बुध पार् में कांग्रेस नेता हेमंत साहू के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन निकाला। विरोध प्रदर्शन में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत  का पुतला फूंका गया।  कांग्रेस नेता हेमंत साहू ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन को स्वामी सानंद की मौत का जिम्मेदार बताया।  इसके अलावा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की करी मांग।  उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हार मोर्चे पर फेल हुई है और इसके बाद भी अपना गुणगान करती है। पिछले 18 महीनों से सरकार ने आम जनता को केवल परेशान किया है। बड़ी-बड़ी बातें करनी वाली सरकार के पास असल में जनता को परेशान करने सिवाएं कुछ नहीं है।

निधन पर सीएम की प्रतिक्रिया

स्वामी सानंद के निधन पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने दुख जाहिर करते हुए कहा कि सानंद जी से गंगा के विषय पर लगातार बात की जा रही थी। पर्यावरण संरक्षण के लिए उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है जिसे भुलाया नहीं जा सकता है।