अपना हक लेकर रहेंगे, इन्टरार्क कंपनी के श्रमिकों का धरना जारी, रखी ये मांगे…नहीं मानें तो…

रुद्रपुर: क्या कंपनी की सुविधा ऊंचे पद पर बैठे लोगों के लिए ही है। क्या उन लोगों का कोई अस्तित्व नहीं जिनके बल पर कंपनी बाजार पर खड़ी होती है? क्या कंपनी के बढ़ते हुए कदम श्रमिकों के अधिकार को मार सकते हैं? ऐसा हम नहीं  इंटरार्क बिल्डिंग प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिडेट कंपनी का वो तबका उठा रहा है, जिसने इस कंपनी को सींचने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इंटरार्क की दोनों यूनिट किच्छा और पंतनगर में श्रमिकों की हड़ताल जारी है। शुक्रवार को रुद्रपुर के एलसी और किच्छा के इंदिरा गांधी मैदान में श्रमिकों का धरना प्रदर्शन जारी रहा।

कर्मचारियों ने कंपनी पर उनके साथ शोषण करने का आरोप लगाते हुए कुछ मांगे रखी है। सबसे पहले कर्मचारियों ने उनकी दबाने की कोशिश में जुटी कंपनी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हम अपने हक के लिए कुछ नहीं कर सकते हैं। हम कुछ करते है उससे पहले हमारी आवाज को दबाने के लिए कंपनी में हमारी एंट्री बंद कर जाती है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीने से हमारी स्थिति जानने की कोई कोशिश नहीं कर रहा है।

क्या विफलता कारण केवल श्रमिक होते हैं

हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने मांग रखी है कि उनके वेतन में होने वाली सालाना बढ़ोतरी को क्यों रोका गया। कर्मचारियों की मानें तो बीते वर्ष उनके वेतन में 2700 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी लेकिन इस साल प्रोडक्शन में होने वाले घाटे का बहाना बना कर बढ़ोतरी को केवल 1200 रुपए रखा गया।

वहीं इस मामले में कर्मचारी यूनियन के सामने कोई बात नहीं रखी गई और अपने फरमान हमारे ऊपर थोप दिया है। वहीं जो बढ़ोतरी की गई थी वो हमारे वेतन से गायब रहीं। यही नहीं घाटे के लिए बलि का बकरा श्रमिकों को ही बनाया जा रहा है और ऊंचे पद पर बैठे कर्मियों के वेतन में कोई कटौती नहीं की गई। हड़ताल पर बैठे कर्मियों नें प्रशासन और प्रबंधक पर साठ-गांठ का आरोप लगाया है। शुक्रवार को धरने पर बैठे श्रमिकों ने मीडियो को भी ज्ञापन देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगे जल्द पूरी नहीं की जाती है तो वो क्षेत्र प्रतिनिधियों का भी घेराव करेंगे। जिसा जिम्मेदार प्रबंधक और प्रशासन रहेगा।