उत्तराखंड में कांग्रेस को बचानी है साख, टीम में नहीं है दावेदार

देहरादूनः उत्तराखंड में लोकसभा का बिगुल बजते ही लोकसभा टिकट के लिए कई राजनैतिक दलों के नेताओं ने अपनी-अपनी दावेदारी घोषित कर दी है। जिसमें भाजपा के पास एक लम्बी लिस्ट तैयार हो गई है। भाजपा में मोदी इफेक्ट के कारण भी टिकट के दावेदार बड़े है। तो वही कांग्रेस में नेता टिकट के लिए ज्यादा दिलचस्पी नहीं ले रहे है। यही कारण है कि कांग्रेस के लिए अपना राजनीतिक अस्तित्व बचाना की भी एक चुनौती दिखाई दे रही है। नैनीताल से पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा ने खुद पूर्व सांसद महेन्द्रपाल के लिए टिकट मांगा है।

ऐसे ही कई बड़े नेता है जो लोकसभा का चुनाव लड़ने से बच रही है। जिसेक बाद कांग्रेस अहम फैसला लेने की सोच रही है। उत्तराखंड से कांग्रेस के पास दो राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा और राजबब्बर है। अब उत्तराखंड की यह स्थिति देख काग्रेंस राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा को अल्मोड़ा लोकसभा सीट से टिकट दे सकती है। और राजबब्बर को यूपी के मुरादाबाद से मैदान में उतार ने  की घोषणा भी कर दी है। इस समय उत्तराखंड के राज्यसभा सांसद राजबब्बर का कार्यकाल दो साल तो प्रदीप टम्टा का तीन साल का बचा हुआ है।

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फिलहाल उत्तराखंड से अभी कांग्रेस ने अपने दावेदार घोषित नहीं करे है। उत्तराखंड में पहले चरण में चुनाव होने है जो 11 अप्रैल को कराये जायेगे। उत्तराखंड में 18 मार्च से नामांकन की शुरूआत हो गई है। पर अभी तक किसी भी पार्टी या अन्य व्यक्ति ने नामांकन नहीं करा है। पहले दिन उत्तराखंड की पांचों सीटों से 48 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र खरीदे है। जिसमें भाजपा के तिरथ सिंह रावत और भाजपा सांसद भुवन सिंह खण्डूरी के बेटे मनीष खण्डूरी ने कांग्रेस में जाकर नामांकन पत्र भी खरीद लिया।