परेशानी नहीं, परेशानी का हल है ऑनलाइन मैपिंग सिस्टम , जानें कैसे…..

हल्द्वानी:ऑफिसों के चक्कर लगाने से निजात दिलाने के लिए प्राधिकरण ने  पहली अक्तूबर से ऑनलाइन मैपिंग सिस्टम शुरू की।बात सामने आई की प्राधिकरण के पास अपने आर्किटेक्ट नहीं हैं होने से लोगों को अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ रही है। पहले निजी क्षेत्र के आर्किटेक्ट एक मकान का नक्शा 10 से 15 हजार रुपये में बना देते थे, हालांकि भवन बनाने वाले को नक्शा स्वीकृत कराने के लिए प्राधिकरण में आवेदन शुल्क, विकास शुल्क, उप विभाजन शुल्क, सेस अलग से देना होता था। अब कई आर्किटेक्ट, मानचित्रकारों ने मकान का नक्शा बनाने का रेट भी बढ़ा दिया है।

बताया जाता है कि जो नक्शा पहले 10 से 15 हजार रुपये में तैयार होता था उसके अब 25 हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं। इन सभी बातों से इंकार करते हुए उत्तराखंड आर्किटेक्ट एंड इंजीनियर्स एसोसिएशन ने कहा कि ऑनलाइन मैपिंग सिस्टम का सॉफ्टवेयर न केवल सस्ता है बल्कि आसानी है। इसके माध्यम से आर्किटेक्ट, भवन मानचित्रकार आसानी से ऑनलाइन भवन मानचित्र बनाकर प्राधिकरण की वेबसाइट पर जमा करा सकता है जो लोगों को काफी हद तक राहत देगा।

एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष आरके शर्मा बताया कि सॉफ्टवेयर के दो लाख रुपये कीमत होने और सालाना पचास हजार रुपये नवीनीकरण में खर्च होने की बात से साफ इंकार किया। उन्होंने बताया कि

  • ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली में भवन मानचित्र ‘ऑटोकैड’ सॉफ्टवेयर के माध्यम से जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, नैनीताल की वेबसाइट पर अपलोड किया जा सकता है।
  • इसके पश्चात कुल 29 लेयर्स में “प्री डी सी आर”  (डेवेलपमेंट कंट्रोल रूल्स – यह सॉफ्टवेयर युहूडा, देहरादून द्वारा नामित सॉफ्टवेयर एजेंसी ‘सॉफ्टेक’ द्वारा प्रशिक्षण अवधि के दौरान पंजीकृत मानचित्रकार के सिस्टम(लैपटॉप) पर निःशुल्क डाऊनलोड कर दिया गया है।
  • ‘ऑटोकैड’ नाममात्र के बाज़ारी मूल्य पर ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स अथवा कंप्यूटर के थोक/खुदरा बाज़ारों में उपलब्ध है, इसके आधिकारिक वर्ज़न/ओरिजिनल सॉफ्टवेयर की कीमत या नवीनीकरण ज़्यादा खर्चीला नहीं है।
  • कुल मिलाकर ओरिजनल वर्ज़न 12 हज़ार कीमत का है, विद्यार्थी संस्करण मुफ्त है और नवीनीकरण शुल्क मामूली है।
    ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली को कार्यान्वित किए जाने हेतु UHUDA,देहरादून द्वारा आयोजित प्रशिक्षण में निम्नलिखित प्रकार से पंजीकृत मानचित्रकारों को प्रशिक्षण दिया गया।

1.हैंड्स ऑन ट्रेनिंग – आर्किटेक्ट्स/इंजिनीयर्स/ड्राफ्ट्समैन द्वारा ऑटोकैड सॉफ्टवेयर में तैयार मानचित्र फ़ाइल को पहले ‘टेस्टिंग सर्वर’ तत्पश्चात ‘स्टेजिंग सर्वर’ पर प्री डीसीआर (डेवेलपमेंट कंट्रोल रूल्स) टूल्स जो कि मानचित्र स्वीकृति सॉफ्टवेयर में पंजीकृत मानचित्र व्यवसायी के लिए दिया गया क्षेत्र है , के माध्यम से अपलोड करना।

2.ऑटो डीसीआर (प्राधिकरण अधिकारियों हेतु मानचित्र स्वीकृति सॉफ्टवेयर में सुरक्षित अधिकार क्षेत्र) द्वारा डी डब्ल्यू जी की स्क्रूटनी की प्रगति को आवेदक द्वारा मॉनिटर किया जाना।
UHUDA (युहूडा), देहरादून द्वारा नामित सॉफ्टवेयर एजेंसी ‘सॉफ्टेक’ द्वारा किसी भी पंजीकृत मानचित्रकार/इंजीनियर/आर्किटेक्ट को किसी भी प्रकार का सॉफ्टवेयर खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा रहा है।

आवेदकों की सुविधा हेतु शीघ्र ही ऑनलाइन मानचित्र प्रणाली प्रशिक्षित एवम स्थानीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण में पंजीकृत मानचित्रकार/इंजिनीयर/आर्किटेक्टस की सूची जारी की जा रही है।