कालाढूंगी: मेहनत रंग जरूर लाती है, उसे केवल संयम की जरूरत होगी है। एक बार फिर पहाड़ की प्रतिभा ने खेल में देश का नाम रोशन किया है। उत्तराखण्ड के लाल ने देश कीन झोली में गोल्ड मेडल डाला है। मलेशिया में आयोजित एशिया एथलेटिक्स मीट में उत्तराखण्ड के नैनीताल जिला, कालाढूंगी के रहने वाले  दीपक नेगी ने जीता स्वर्ण पदक जीता है।

दीपक ने  लंबी कूद में जीता स्वर्ण पदक तो वहीं त्रिकूद में जीता रजत पदक और रिले रेस में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम किया रोशन। बता दें कि दीपक  नेगी  गुडगांव के फोटिस हास्पिटल में मैनेजर पद पर कार्यरत है। उनकी कामयाबी के बाद उनके चाहने वाला का उनके घर पर बधाई देने के लिए तांता लग गया है।

अब आपको बताते हैं कि दीपक की सफलता का फलसफा क्या है। दरअसल दीपक जब छोटे थे तो ऊबड़ खाबड़ पहाड़ी रास्तों से ही स्कूल जाया करते थे। इन रास्तों को वो दौड़कर, भागकर पार करते। उस वक्त से ही शायद दीपक के मन में एक अलख जग गई थी कि कुछ भी हो जाए, उत्तराखंड और देश के लिए बहुत कुछ करना है। धीरे धीरे दीपक का सपना बड़ा हुआ, तो उम्मीदें भी बढ़ने लगी। आखिरकार दीपक ने सोच ही लिया कि खेलों में भी नाम कमाना है।

मंजिल सामने थी और दीपक के लिए रास्ता तैयार था, बस उस रास्ते पर चलना था और जीत हासिल करनी थी। दीपक हम तो ये ही कहेंगे कि ये तो स शुरुआत है और आगे बहुत बड़ा काम । इसलिए चलते रहिए और बढ़ते रहिए। मंजिलें आपका इंतजार कर रही हैं। दीपक नेगी ने जिस तरह से तमाम परेशानियों से जूझकर ये गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। दीपक की कहानी युवाओं के लिए प्ररेणा है जो ये खेल में अपना भविष्य सवारना चाहते हैं।