बागेश्वर:स्कूल में छात्र की पिटाई करने को कोर्ट ने जुर्म कहा है। कोई शिक्षक किसी छात्र को मारता है तो उसके खिलाफ आईपीसी सेक्शन 83 और 23 के अनुसार ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।( अभिभावक और अध्यापक) साल 2000 में छात्रों को मारपीट से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट कानून लाया।

बागेश्वर से एक ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां अध्यापक ने छात्र को इतनी बुरी तरह से पीटा की उसके कान में गंभीर चोट आई है। मामला इतना गंभीर है कि छात्र को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है। घटना बागेश्वर जवाहर नवोदय विद्यालय सिमार (गागरीगोल) की है। पीडित छात्र का नाम दिव्यांशु जौहरी (14) 10वीं कक्षा का छात्र है। खबर के मुताबिक मामला गुरुवार का है।

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जवाहर नवोदय विद्यालय सिमार गागरीगोल में 10वीं में पढ़ने वाले बागेश्वर निवासी छात्र दिव्यांशु जौहरी (14) को इतनी तेज थप्पड मारा की उसके कान में भीषण दर्द होने लगा। स्कूल के लोग घायल छात्र को उपचार के लिए एमएमएस सीएचसी बैजनाथ लाए। हॉस्पिटल में ईएनटी रोग विशेषज्ञ के ना होने से छात्र को जिला चिकित्सालय बागेश्वर रेफर किया। यहां भी ईएनटी रोग विशेषज्ञ नहीं होने पर डॉक्टरों ने घायल को सुशीला तिवारी चिकित्सालय हल्द्वानी रेफर कर दिया। स्कूल की प्राचार्य कीर्ति पवार ने जानकारी दी कि थप्पड़ से दिव्यांशु के कान में चोट आई है।

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स्कूल प्रशासन इस मामले को गंभीरता ले रहा है और शिक्षक के खिलाफ एक जांच कमेटी बैठाई गई, जिसकी रिपोर्ट शुक्रवार को विभाग के आला अधिकारियों को भेज दी है। इस विशय पर शिक्षकों की एक बैठक भी ली गई। प्राचार्य ने सख्त लहजे में कहा कि बच्चों के साथ मारपीट बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घायल छात्र के परिजनों की तरफ से + शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई है।

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