हल्द्वानी:अमित चौधरी: लोकसभा चुनावों को लेकर जहां पूरे देश में हलचल पैदा हो गयी है। उत्तराखंड में भी पिछड़े वर्ग के वोटों को लेकर नेताओं का दलित प्रेम झलकने लग गया है। जहां वोटों को देखते हुए भाजपा के सांसद व जनप्रतिनिधि अनुसूचित वर्ग के लोगों के घर जाकर भोजन करने की बात कह रहें है। तो वहीं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने इस उन लोगों का अपमान बताया है। उनका कहना है कि अगर भाजपा अपने दलित प्रेम को इस प्रकार एक दिन भोजन करके दिखा रहीं है। तो भाजपा को चाहिए की दलित वर्ग के लोगों के लिये काम करें व उनके बीच में रहकर उनके आर्थिक उत्थान के लिये कार्य करें। उनका कहना है कि आजादी के बाद से अगर उनके उत्थान के लिये किसी पार्टी ने काम किया तो वह कांग्रेस है।

इधर उनके बयान का पलटवार करते हुए नैनीताल सांसद भगत सिह कोश्यारी का कहना है कि दलितों की राजनीति पूरे देश में कांग्रेस कर रहीं है। उनका कहना है कि दलित को दलित कहना एक अपराध है। जिसके लिए संविधान में उनके लिये अनुसूचित शब्द का उपयोग किया गया है।

 

उनका कहना है कि वे आज से नहीं कई सालों से अनुसूचित जाति के लोगों के साथ भोजन कर रहें है। जहां उन्होंने कांग्रेस साठ सालों में अनुसूचित जाति व जनजाति के उत्थान के लिये काम नहीं करने का आरोप लगाया है। तो वहीं उन्होनें नकारात्मक विचारों की पार्टी करार दिया है।