औली शादी: हाईकोर्ट का गुप्ता बंधुओं को झटका,हैलीकॉप्टर उड़ाने पर लगाई रोक

हल्द्वानी: औली में 200 करोड़ की चर्चित शादी सुर्खियों में बनी हुई है। इस शादी का मामला कोर्ट पहुंच गया है। अब एक बड़ी खबर ये है कि हाईकोर्ट ने  गुप्ता बंधुओं की शादी पर करोड़ों रूपये की पेनल्टी समेत हैलीकॉप्टर सेवा पर रोक लगा दी। बता दें कि दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल के अरबपति कारोबारी गुप्ता बंधुओं के परिवार के सदस्य की चमोली जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्र औली में शादी का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। कोर्ट ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए कहा है कि शादी की अनुमति किसने दी। इस मामले को लेकर लगातार विवाद हो रहा था। लोगों ने सरकार के फैसले पर सवाल खड़े किए थे।

हाईकोर्ट ने मामले में राज्य सरकार से पर्यावरण को संभावित हानि पहुँचाने के लिए करोड़ों रूपये की पेनाल्टी समेत हैलीकॉप्टर सेवा पर रोक लगा दी है। राज्य सरकार ने हैलीपैड की अनुमति देने से इंकार कर दिया जिसके बाद मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति अलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने औली में हैलीकॉप्टर लैंडिंग पर रोक लगा दी है। खंडपीठ ने राज्य सरकार से स्पष्ट कहा है की क्या विवाह क्षेत्र बुग्याल क्षेत्र है जिसपर न्यायालय का पूर्व का एक आदेश लागू होता है ?

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अजय गुप्ता और अतुल गुप्ता और दुबई में रहने वाले वधु पक्ष के बीच 18 से 23 जून तक चलना है। शादी का मुहूर्त 22 जून का है जिसमें पहुँचने वाले मेहमानों के लिए खासी व्यवस्थाएं की जा रही है। मेहमानों के लिए निजी हैलीपैड बनाए गए थे, ए.सी.टेंट लगाए गए हैं, खाने की व्यवस्था सब बाहर से की गई है। इवेंट ऑर्गेनाइजर के अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि उन्हें नगर पालिका ने अनुमति दी है जबकि नगर पालिका का कहना है कि उन्होंने अनुमति नहीं अनापत्ति दी है।

न्यायालय ने इवेंट मैनेजर दिल्ली की ई फैक्टर इंटरप्राइजेस से पूछा है की उन्होंने रूम हीटिंग, पकवान कुकिंग आदि के लिए इक्विपमेंट, वेस्ट मैनेजमेंट और मेहमानों की संख्या कल न्यायलय को बताएं। न्यायालय ने उत्तराखंड पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से कहा है कि वो शादी के अन्त तक वहीं रहकर पर्यावरण में होने वाली क्षति को सुधारने में लगने वाली धनराशि का ब्यौरा न्यायालय को देंगे तांकि शादी पक्ष से उसे वसूला जा सके।