श्रमिकों के लिए उत्तराखण्ड सरकार की वो योजनाएं जिनको जानना ज़रूरी है!

श्रमिक एक ऐसा शब्द जो जिसका कर्म किसी के सपनों को पूरा करता है। वो सपना किसी सरकार का हो सकता है या फिर किसी निजी कंपनी का जिसे साकार करने के लिए श्रमिक का परिश्रम का होता है। उत्तराखण्ड में श्रमिकों के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं बनाई गई है। भवन निर्माण एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 के प्राविधानों के अन्तर्गत पंजीकृति पात्र कामगारों तथा मनरेगा में नियोमित निर्माण श्रमिकों हेंतु संचालित कल्याणकारी योजनाओं के बारे में नैनीताल श्रम अधिकारी/सहायक संघ निरीक्षक मीनाक्षी कांडपाल ने अहम जानकारियां दी।


उन्होंने बताया कि श्रमिकों को योजनाओं का लाभ उठाने के लिए पंजीकरण होना आवश्यक है। पंजीकरण के लिए श्रमिक अपना आधार कार्ड, दो फोटो, बचत या जनधन बैंक खाते की पासबुक, मोबाइल नंबर लेकर श्रम विभाग जाना होगा। इसके साथ ही सहमति पत्र भी देना होगा। इसके बाद श्रमिक का पंजीकरण होगा। पंजीकरण के बाद सहमति पत्र उस शाखा में भी देना होगा, जिसमें श्रमिक का बैंक खाता होगा और लाभ सीधा उसके खाते में पहुंच जाएगा।

श्रम अधिकारी/सहायक संघ निरीक्षक मीनाक्षी कांडपाल ने बताया कि 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके कामगारों को 1500 रुपए की पेंशन दी जाएगी। पेंशनभोगी की मृत्यु की दिशा में नॉमेनी को 500 रुपए प्रति माह देय होगी। कार्य के दौरान अगर किसी श्रमिक ( मजदूर, मिस्त्री, कारपेंटर, प्लंबर, इलेक्ट्रीशिन पेंटर) की कार्य के दौरान दुर्घटना में मौत हो जाती है तो उस स्थिति में पांच लाख रुपए और सामन्य मृत्यु होने की दिशा में नॉमिनी को तीन लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। श्रमिकों के अन्तयेष्टि संस्कार के खर्च के रूप में 10000 रुपए की सहायता बोर्ड द्वारा विर्निदिष्ट शर्तों के अधीन परिजनों ( नॉमिनी) को देय होगी। श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा के लिए भी आर्थिक मदद इस योजना के अंतर्गत दी जाएगी जो इस प्रकार है-
• कक्षा-1 से 5 तक 200 रुपए प्रति माह
• कक्षा-6 से 8 तक 300 रुपए प्रति माह
• कक्षा 9 से 10 तक 400 रुपए प्रति माह
• कक्षा 11 से कक्षा 12 तक 500 रुपए प्रति माह
• स्नातक के लिए 800 रुपए प्रति माह
• पॉलीटेक्निक के लिए 1000 रुपए प्रति माह
• उच्च शिश्रा हेतु 2500 रुपए प्रति माह

ऐसे श्रमिक जिनके बच्चे मेडिकल क्षेत्र में ( MBBS/BAMS/NURSING/ में दाखिला लेते हैं तो 50 प्रतिशत फीस बोर्ड वहन करेगा। श्रमिकों की दो पुत्रियों के विवाह व महिला कर्मकारों को स्वंय के विवाह के लिए बोर्ड द्वारा एक लाख रुपए की मदद की जाएगी। महिलाओं को प्रसूति मदद के रूप में बेटे होने की स्थिति में 15 हजार रुपए और बेटी होने की स्थिति में 25000 रुपए की सहायता दी जाएगी।

श्रम अधिकारी/सहायक संघ निरीक्षक मीनाक्षी कांडपाल ने बताया कि इन ऊपर दी गई योजनाओं का लाभ सरकारी व गैर सरकारी भवनों के निर्माण और अन्य निर्माण कार्यों में कार्यकरत कामगार ( उम्र 18 से ज्यादा और 60 से कम) को मिल सकता है। इसके लिए पंजीकरण दौरान उन्हें एक साल के दौरान 90 दिन का कार्य करने का ब्योरा देना होगा। पंजीकरण शुल्क 100 रुपए है जो कि तीन साल तक मान्य होगा। पंजीकरण हल्द्वानी स्थित श्रम विभाग कार्यालय में कराया जा सकता है।

श्रम अधिकारी/सहायक संघ निरीक्षक मीनाक्षी कांडपाल बताया कि नैनीताल जिले में कुल 31029 श्रमिक पंजीकृत हैं। साल 2018 में सरकार द्वारा जिले में करीब तीन करोड 90 लाख रुपए की सहायता श्रमिकों को दी गई है।