पिथौरागढ़ के भूपेश जोशी को मिलने जा रहा है यह बड़ा पुरस्कार, जानिए

हल्द्वानीः सफलता किसी चीज की मोहताज नहीं होती है। वो परिश्रम और लगन के रास्ते चलकर अपनी कहानी खुद लिखती है। पहाड़ की प्रतिभा ने देश व विदेशों में अपने परिश्रम का लोहा मनवाया है। ऐसी ही कहानी है प्रसिद्ध रंगमंच कलाकार, सिने अभिनेता और निर्देशक भूपेश जोशी की। जिनाक चयन उत्तर प्रदेश की संगीत नाटक अकादमी की ओर से सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए किया गया है।

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बता दें कि 45 साल के भूपेश मूलरुप से पिथौरागढ़ के चहज गांव निवासी है। वे स्व.केशव दत्त जोशी के पुत्र हैं। भूपेश को बचपन से ही रंगमंच के प्रति एक बड़ा लगाव था। पिथौरागढ़ से ग्रेजुएशन करने के बाद भूपेश ने भारतेंदु नाट्य एकेडमी लखनऊ से ड्रामा से ग्रेजुएशन की। इसके बाद उन्होंने कई रंगमंचों पर अपने अभिनय का लोहा मनवाया । रंगमंच के अलावा भूपेश ने कई फिल्मों और टीवी सीरियलों में भी काम किया है। वे पिछले 22 सालों से थियेटर में काम कर रहे। भूपेश हिंदी फिल्म पिंजर, चिंटू जी, किस्मत लव पैसा दिल्ली, सौन चिरैया और इंडो कैनेडियन फिल्म अमल के साथ साथ अन्य कई फिल्मों में काम कर चुके हैं। वहीं स्टार प्लस पर आने वाले टीवी सीरियल दहलीज, डीडी वन में तुम देना साथ मेरा और क्योंकि जीना इसी का नाम है, ये हवाएं, साहिर में भी उन्होंने काम किया है।

भूपेश कई विज्ञापनों में भी काम कर चुके हैं। टेली फिल्म नींद आने तक में उन्होंने लीड रोल किया है। भूपेश ने 50 से अधिक नाटकों में मुख्य भूमिका निभाई है। वहीं 28 से अधिक नाटकों का निर्देशन भी किया है। इसके अलावा देश-विदेश में आयोजित इंटरनेशनल थियेटर फेस्टेवल में भी उन्होंने भाग लिया है। भूपेश वर्ष 2013 में साहित्य कला परिषद दिल्ली की ओर से युवा निर्देशक सम्मान से भी सम्मानित हो चुके हैं। अब सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए चयन होने पर वे काफी खुश हैं।

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