सूरज हत्याकांड: भाई को नहीं मिला इंसाफ, परेशान भाई ने खत्म की जीवनलीला

हल्द्वानी: अगस्त में हल्दूचौड़ में हुए सुरज हत्याकांड ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया था। सूरज सक्सेना नानकमत्ता का रहने वाला था और हल्द्वानी आईटीबीपी की भर्ती के लिए पहुंचे था। इसी दौरान उसका जवानों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ तो उन्होंने उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। लोगों के आक्रोश के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और तीन जवानों के गिरफ्तार किया। इस मामले ने पूरे देश में सुर्खियां बटोरी और सेना की किरकिरी भी हुई। सक्सेना परिवार पर एक बार फिर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सूरज ने छोटे भाई की भी मौत हो गई है। सूरज के छोटे भाई का नाम गोविंद है और सूरज के लापता होने के बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गोविंद ने पंखे से लटकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया था।

खबर के अनुसार भाई सूरज की मौत के बाद गोविंद सदमे में चला गया था। वह हताश और निराश रहने लगा था। देर रात उसने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों की तरफ से कहा जा रहा है कि सूरज के हत्यारों के खिलाफ ठोस कार्रवाई ना होने को लेकर गोविंद निराश था। परिवार को सहीं इंसाफ न मिलने के चलते गोविन्द ने मौत को गले लगा लिया। सक्सेना परिवार ने शायद ही सोचा होगा कि उन्हें ये सब भी देखना पड़ेगा। दो बेटों की मौत से वह कैसे उबरेगा ये शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल है।

सूरज हत्याकांड

बता दें कि,18 अगस्त को आईटीबीपी में भर्ती होने के लिए हल्दूचौड़ गए नानकमत्ता के छात्र का शव संदिग्ध हालात में आईटीबीपी परिसर की झाड़ियों में मिला था। शव में कीड़े पड़ गए थे।परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए नानकमत्ता थाने और हल्दूचौड़ में घंटों हंगामा किया। इसके बाद मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। वार्ड नंबर सात अनाज मंडी नानकमत्ता निवासी ओमप्रकाश सक्सेना का बेटा सूरज सक्सेना (24) श्री गुरुनानक देव पीजी कॉलेज नानकमत्ता में एमए प्रथम वर्ष का छात्र था। सूरज 15 अगस्त की शाम को घर से 34वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल कैंप हल्दूचौड़ में भर्ती होने के लिए अपने साथियों के साथ गया था। बताया जा रहा है कि 16 अगस्त को सूरज दौड़ में वह सफल हो गया था।  दौड़ के बाद टोकन जमा करने को लेकर उसका आईटीबीपी भर्ती के कुछ अधिकारियों के साथ विवाद हो गया था। विवाद के बाद से ही वह अचानक लापता हो गया। बाद में उसका शव आईटीबीपी परिसर में ही झाड़ियों में पड़ा मिला था।