चुनाव से पहले लग सकता है झटका,दो से अधिक बच्चे वाले प्रत्याशी नहीं लड़ पाएंगे पंचायत चुनाव

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देहरादून: उत्तराखण्ड में निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य में आचार संहिता दी है। राजनीति दलों ने प्रत्याशों के नामों पर मंथन करना भी शुरू कर दिया है। सभी दल लोकसभा से पहले निकाय चुनाव में अपनी छवि को मजबूत कर वोटरों का ध्यान खींचने की कोशिश कर रहे हैं।  चुनाव से पहले एक बड़ी खबर सामने आ रही है। निकाय चुनाव की तरह ही पंचायती चुनावों में दो से अधिक बच्चे होने की स्थिति में प्रत्याशी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

पंचायती राज मंत्री अरविंद पांडेय ने दिए थे अधिकारी को एक्ट समझने के निर्देश 

उत्तराखंड सरकार के पंचायती राज एक्ट में बदलाव कर पंचायत चुनाव लड़ने के लिए शैक्षणिक योग्यता तय करने के प्रस्ताव को न्याय विभाग ने मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव के तहत ग्राम पंचायत में वार्ड पंच से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष पद तक चुनाव लड़ने के लिए शैक्षिक योग्यता निर्धारित की जाएगी। वहीं, दो से अधिक बच्चे वाले और ऐसे लोग जिनके घर शौचालय नहीं है, वे भी त्रिस्तरीय पंचायत में किसी भी पद पर चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

बताया जा रहा है अब राज्य सरकार इस एक्ट में संधोधन करेगी। एक्ट को समझने के लिए  न्याय विभाग ने परीक्षण करने के बाद पंचायती राज विभाग की हां में हां मिलाते हुए इसे हरी झंडी दे दी है। अगर एक्ट में संसोधन किया जाता है तो पंचायती चुनाव में अब चुनाव लड़ने वाले कई प्रत्याशियों को इस संसोधन के बाद झटका लगेगा।