पंचायतों का काम करेगा आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार: सीएम रावत

आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में पंचायतों का योगदान अहम

सोमवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, ननूरखेड़ा से वर्चुअल क्लास के माध्यम से प्रदेश के पंचायत प्रतिनिधियों से ई-संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश के समग्र विकास के लिए गांवों का विकसित होना जरूरी है। ग्राम स्वराज को साकार करना होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सभी को मिलजुल कर काम करना है। चुनौतियों को अवसर में बदलना होगा।

जागरूकता में जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि मौजूदा दौर में पूरी दुनिया कोरोना वायरस के दौर से गुजर रही है। इस दौरान पंचायत के प्रतिनिधियों ने योद्धा की तरह मोर्चा संभाला है। कोरोना काल में जनप्रतिनिधियों की भूमिका और अधिक बढ़ गई है। कोरोना से लड़ाई लम्बे समय तक चल सकती है, हमें सतर्कता एवं जागरूकता पर विशेष ध्यान देना होगा। भारत में यह संक्रमण को काफी नियंत्रित किया गया है। भारत में इस वायरस से मुत्यु दर बहुत कम है एवं रिकवरी रेट भी अच्छा है। 

वर्चुअल क्लास के माध्यम से प्रदेशभर के पंचायत प्रतिनिधियों के साथ "ई-संवाद कार्यक्रम"

प्रदेशभर के पंचायत प्रतिनिधियों के साथ "ई-संवाद कार्यक्रम" में खास बातचीत।#eSamwad#StatePanchayatRepresentatives#pmo#Education #PanchayatRepresentatives

Gepostet von Trivendra Singh Rawat am Sonntag, 12. Juli 2020

भारत नेट फेज-2 से हर गांव तक पहुंचेगा इंटरनेट

भारत नेट फेज -2 परियोजना में राज्य के 12 जनपदों (हरिद्वार जनपद में पूर्व में किया जा चुका है) के 65 ब्लॉक के अंतर्गत 5991 ग्राम पंचायतों में इंटरनेट पहुचाया जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा इसके लिए लगभग 2 हजार करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है। इससे प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में इंटरनेट पहुचने से विकास के एक नए युग आरंभ होगा व ग्रामीण अंचलों की अर्थ व्यवस्था को गति मिलेगी।

कोविड-19 व डेंगू पर सर्तकता व सावधानी का आह्वान

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से सुरक्षा हेतु हमें स्वच्छता का विशेष ध्यान देना होगा, इसके साथ ही मास्क का उपयोग एवं फिजिकल डिस्टेंस के पालन के लिए लोगों को जागरूक रखना होगा। सावधानी और सतर्कता ही इस बीमारी का सबसे अच्छा निदान है। कोरोना संक्रमण के दौरान विभिन्न राज्यों से उत्तराखण्ड के 03 लाख 28 हजार से अधिक लोग वापस अपने घरों में आये। इसके लिए अनेक राज्यों में ट्रेन एवं बसों की व्यवस्था की गई एवं सबंधित राज्यों से भी सहयोग लिया गया। मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों से आह्वाहन किया कि इस वक्त डेंगू का प्रकोप काफी रहता है और आने वाले तीन महीनों में बचाव के लिए भी विशेष सतर्कता की आवश्यकता है। इसके लिए लोगों में जागरूकता होना जरूरी है।

आत्मनिर्भर भारत के लिए गांवों का विकास जरूरी

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से कार्य करने होंगे। अवसर को चुनौतियों में बदलना होगा। देश के समग्र विकास के लिए गांवों का विकसित होना जरूरी है। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री जी ने आत्मनिर्भर भारत के लिए देशवासियों को 20 लाख करोड़ रूपये का पैकेज दिया है। हमें स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना होगा। देश में गरीबों को राहत पहुंचाने के लिए नवम्बर माह तक लोगों को 05-05 किग्रा राशन निःशुल्क वितरित किया जा रहा है। भारत आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर है। आज भारत पीपीई किट, एन-95 मास्क की देश में पूर्ति के साथ ही, जरूरतमंद देशों को निर्यात भी कर रहा है। प्रधानमंत्री जी के डिजिटल इंडिया के परिणामस्वरूप आज लोगों को बड़ी राहत मिली है। डिजिटल इंडिया के प्रत्यक्ष परिणाम आज सबके सामने हैं। 

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