उत्तराखण्ड की पहचान बनेगा देश का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन, खर्च होंगे 50 करोड़

हल्द्वानी: राज्य की खूबसूरती किसी से छिपी नहीं है। देशभर में उत्तराखण्ड की पहचान पर्यटक स्थल के रूप में होती है। देशभर के लोग उत्तराखण्ड की खूबसूरती का दीदार करने के लिए पहुंचते है। उत्तराखण्ड की पहचान को और सुंदर करने के लिए सरकार ने  ट्यूलिप गार्डन बनाने का फैसला लिया है। यह गार्डन पिथौरागढ़ मे बनाया जाएगा।ट्यूलिप गार्डन 50 हेक्टेयर जमीन पर बनाया जाएगा। इसके निर्माण में 50 करोड़ का खर्चा आएगा।
ट्यूलिप गार्डन के निर्माण के बारे में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने रविवार को पत्रकारों को जानकारी दी। कहा जा रहा है कि ट्यूलिप गार्डन कश्मीर के मुकाबले बड़ा होगा। बता दें कि कश्मीर में स्थित ट्यूलिप गार्डन एक हेक्टेयर जमीन पर बनाया गया है। ट्यूलिप गार्डन के बनने से उत्तराखण्ड के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।  सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के ड्रीम प्रोजेक्ट 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन के लिए पिथौरागढ़ में भी जगह चिन्हित की गई है।
सीएम ने विधानसभा स्थित अपने कक्ष में मीडिया से बातचीत में पर्यटन पर बात की। उन्होंने कहा कि 13 डेस्टिनेशन के लिए सरकार ने कदम आगे बढ़ा दिए हैं। पांच-पांच करोड़ रुपये दिए गए हैं।  उन्होंने साफ किया कि इसके निर्माण में वक्त लगेगा, लेकिन उत्तराखण्ड के पर्यटन की दिशा में यह मील का पत्थर साबित होगा। ट्यूलिप गार्डन का निर्माण जल्द शुरू किया जाएगा।
पिछले कुछ वक्त से सरकार उत्तराखण्ड में पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। राज्य में एडवेंचर को भी बढ़ावा दिया गया है और जिसका आनंद लेने के लिए बढ़ी संख्या में पर्यटन पहुंच रहे हैं। उत्तराखण्ड में पर्यटन के बढ़ने से रोजगार को मौके भी खुलेंगे और इसी सोच के साथ सरकार काम कर रही है। इससे काफी हद तक पलायन जैसी समस्या को भी रोका जा सकेगा क्योंकि रोजगार ना मिलने के वजह से राज्.य के पहाड़ी इलाके पलायन की मार झेल रहे हैं।