नैनीताल लोकसभा सीट: 11 को मतदान, जनता की नजर पार्टी के बजाए उम्मीदवार पर

हल्द्वानी: लोकसभा चुनाव 2019 का काउंट डाउन शुरू हो गया है। उत्तराखण्ड में 11 अप्रैल को मतदान किया जाएगा। राष्ट्रीय दलों ने उम्मीदवार को लेकर मंथन जारी कर दिया है। वक्त कम है नाम अधिक। इस बीच एक पार्टी से दूसरी पार्टी में जाने का सिलसिला भी शुरू होने लगा है। उम्मीदवार चयन के बाद पार्टी के लिए रूठों का मनाना एक अलग चुनौती पेश करने वाला है। नैनीताल सीट की बात करें तो यह साल 2014 में  भाजपा के पक्ष में रही थी। वहीं कांग्रेस इस बार भाजपा के प्रदर्शन को रोकने के लिए पूरा जोर लगाती दिख रही है।

भाजपा खेमे से लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार के रूप में मौजूद सांसद भगत सिंह कोश्यारी, कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत और यशपाल आर्य का नाम सामने आ रहा है। सभी राजनेता जिले में अपनी अच्छी पकड़ रखते हैं। भगत सिंह कोश्यारी राज्य के सीएम रह चुके हैं। वहीं बंशीधर भगत उत्तर प्रदेश सरकार दे दौरान राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा परिवहन मंत्री यशपाल आर्य के नाम की भी खूब चर्चा चल रही है। वो 7 बार विधानसभा का चुनाव जीत को चुके है लेकिन 6 बार वो कांग्रेस की तरफ से चुनाव में उतरे थे।

आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस एक बार फिर खड़े उठना है। इसलिए वो एक मजबूत दावेदार पर दांव लगाने पर मंथन करेगी। कांग्रेस के लिए नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश का नाम सबसे आगे चल रहा है। राज्य में उनकी गिनती बड़े नेताओं में होती है। राज्य सरकार में वो वित्त मंत्री भी रह चुकी हैं और हल्द्वानी शहर में उनकी काफी अच्छी पकड़ है।  दो बार सांसद रहे महेंद्र पाल सिंह के नाम भी भी चर्चा हो रही है। पूर्व में सांसद होने का फायदा उन्हें मिल सकता है। इसके अलावा कांग्रेस की ओर से पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलकराज बेहड़ भी लोकसभा के लिए अपनी दावेदारी ठोक चुके हैं। फिलहाल दोनों दलों के नेता अपनी नाम पर हो रही चर्चा के सवाल पर व्यक्तिगत जवाब देने से बचकर हाईकमान के आदेश का पालन करने की बात कर रहे हैं।

वहीं हल्द्वानी की जनता पार्टी से ज्यादा उम्मीदवार पर दाव खेलने के लिए दिलचस्पी दिखा रही है। युवाओं की मानें तो उम्मीदवार ऐसा हो इसकी पकड़ और समझ मॉर्डन इंडिया के निर्माण की रचना में सहायक बन सकें।