उत्तराखंड के डिग्री कॉलेजों में मोबाइल फोन के साथ नही होगी छात्रों की एंट्री !

देहरादूनः कॉलेज में पढ़ने वालें छात्र-छात्राऐं पढ़ाई में कम और मोबाइल में अपना सबसे ज्यादा समय व्यतित करते हैं। लेकिन अब राज्य के डिग्री कॉलेजों में जल्द ही मोबाइल के साथ एंट्री नहीं होगी। उच्च शिक्षा मंत्री ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। नए साल पर छात्रों के कक्षा में एकाग्रता बढ़ाने के मकसद से मोबाइल पर बैन का आदेश जल्द ही जारी होने वाला है।

बता दें कि उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि छात्रों के कक्षा में एकाग्रता बढ़ाने के मकसद से मोबाइल पर बैन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले भारी विरोध हुआ लेकिन अनुशासन को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू किया। अब इसी कड़ी में नए साल पर एक और नया बदलाव होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही क्लासरूम में मोबाइल ले जाने पर पाबंदी लगाने जा रहे हैं। इसकी कवायद शुरू की जा चुकी है। इसके पीछे मकसद यह है कि छात्र क्लास के दौरान मोबाइल के बजाय अपनी पढ़ाई पर फोकस करें। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में जरूरत पड़ी तो वह सभी कॉलेजों में कम रेंज वाले जैमर लगाने पर भी विचार करेंगे। 

राज्य के डिग्री कॉलेजों में पढ़ाने के लिए वर्तमान में शिक्षक-छात्र अनुपात 1:42 का है। वर्तमान में राज्य में शिक्षकों के करीब 2200 पद निर्धारित हैं। डॉ. धन सिंह रावत का कहना है कि इस अनुपात को 1:30 करने के लिए 800 पद सृजित किए जाएंगे। इसके लिए जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। वहीं राज्य के एनआईटी या गढ़वाल केंद्रीय विवि में साइबर सिक्योरिटी एंड इंटरनेट ऑफ थिंग्स की लैब भी बनेगी। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के सामने प्रस्ताव रखा है। इसमें एआईसीटीई के चेयरमैन प्रो. अनिल सहस्त्रबुद्धे ने अपनी सहमति दे दी है।