लॉकडाउन के पहले दिन लोगों के बड़ी संख्या में घरों से बाहर निकलने ने सरकार को डरा दिया। अब संक्रमण फैलने का खतरे को देखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक जीवन पर सख्ती और बढ़ा दी है। इस क्रम में मंगलवार को सुबह सात से दस बजे के बीच ही आवश्यक सामान की दुकानें खुल पाएंगी। इसके बाद सार्वजनिक, निजी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप रहेगी। सोमवार देर शाम जारी बयान में सीएम त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि सोमवार के लॉकडाउन में ज्यादातर लोगों ने सहयोग किया। फिर भी तमाम जगहों से सूचनाएं आ रही है कि बड़ी संख्या में लोग बाहर भी निकले हैं। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। सीएम ने कहा कि तमाम जागरुक लोगों ने ही सरकार से संक्रमण रोकने के लिए और सख्ती करने की अपील की थी। 

इसी क्रम में हालात की समीक्षा के बाद मंगलवार को सुबह सात से दस बजे के बीच ही आवश्यक सेवाओं की दुकानें खोलने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद सभी बाजार पूरी तरह बंद हो जाएंगे। मंगलवार को सार्वजनिक, निजी हर तरह के वाहनों को सड़कों पर उतरने की मनाही रहेगी। सिर्फ आवश्यक सेवाओं को इससे छूट रहेगी। सीएम ने कहा कि मंगलवार को हालात की समीक्षा के बाद वो फिर आगे की रणनीति पर विचार कर, लोगों को अवगत कराएंगे। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।   

बैंक, एटीएम भी सुबह खुलेंगे

 
सचिव वित्त अमित नेगी ने बताया कि मंगलवार को बैंक के साथ ही एटीएम भी सुबह सात से दस बजे के बीच ही खुलेंगे। उन्हेांने बताया कि संक्रमण रोकने के लिए ही सरकार लोगों को बाहर निकलने से रोकने का प्रयास कर रही है। यही बचाव का सबसे अच्छा तरीका है। 

पेयजल आपूर्ति को कंट्रोल रूम स्थापित


लॉक डाउन के दौरान पेयजल आपूर्ति में किसी तरह की दिक्कत ना हो इसके लिए पेयजल मुख्यालय में आपातकालीन कंट्रोल रूम बनाया गया है। क्योंकि पेयजल अति आवश्यक सेवा के तहत लॉक डाउन से बाहर रखी गयी है, मगर पेयजल निगम सीधे तौर पर अति आवश्यक सेवा वाला विभाग नहीं है, इसी को देखते हुए रोजाना छ: अधिकारियों और कर्मचारियों की कंट्रोल रूम में ड्यूटी लगाई गई है। ताकि काम भी ना रुके और लॉक डाउन का भी पालन हो। निगम के एमडी भजन सिंह ने इसके आदेश किये हैं।

पर्यटकों के लिए दो गेस्ट हाउस रिजर्व 


सरकार ने राज्य में ठहरे पर्यटकों से भी अपनी यात्रा स्थगित करने को कहा है। साथ ही कहा है कि इस दौरान पर्यटकों के लिए नौकुचियाताल स्थित केएमवीएन का पर्यटक आवास गृह और ऋषिकेश स्थित जीएमवीएन का गंगा रिजॉर्ट ट्रांजिट के तौर पर उपलब्ध रहेंगे।

ये है बदलाव के बाद नई व्यवस्था

  • सुबह 7 सात बजे से 10 बजे तक ही आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुलेंगी। 
  • सुबह सात बजे से 10 बजे तक ही क्षेत्र के बैंक और एटीएम खुले रहेंगे। लेकिन कर्मचारी उतने होंगे जितनों की आवश्यकता है।
  • पेट्रोल पंप पूरी अवधि में खुलेंगे, लेकिन पेट्रोल और डीजल की  एक एक नोजेल चलेगी।
  • सुबह 10 बजे के बाद सिर्फ वही निजी वाहन आ जा सकेंगे जो मरीजों को लेकर जाएंगे, इसके अलावा नहीं। 
  • जो फैक्टरी चलनी आवश्यक है उनके मजदूरों के खाने पीने की व्यवस्था अंदर ही की जाएगी।
  • जहां पर निर्माण कार्य चल रहा है वहां के श्रमिकों की सुरक्षा व साफ सफाई की जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी। खाना वही देगा।
  • पर्यटक जिस होटल में पहले से  ठहरे हुए हैं उन्हें जाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकेगा। 
  • जिलाधिकारी डा. आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाओं को छोड़कर जनपद के सभी कार्यालय चाहे वह केंद्र सरकारके अधीन हों अथवा उत्तराखंड राज्य के अधीन हो बंद रहेंगे। बता दें  कि लॉकडाउन के दौरान केंद्रीय संस्थानों के खुलने और बंद होने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।
  • डीएसओ जसवंत सिंह कंडारी ने बताया कि डीएम के निर्देश पर सभी गैस एजेंसियों को होम डिलीवरी के लिए कहा गया है, ताकि गैस गोदाम और एजेंसी में अनावश्यक भीड़ एकत्र न हो।