स्वीडन के राजा-रानी को भा गया उत्तराखण्ड, देवभूमि में लिया आशीर्वाद

हल्द्वानी: स्वीडन नरेश कार्ल गुस्ताफ और रानी सिल्विया रिनेट उत्तराखण्ड भम्रण के लिए पहुंचे हैं। वह गुरुवार को तीर्थनगरी ऋषिकेश की एक दिवसीय यात्रा पर पहुंचे। राजा-रानी ने यहां विख्यात रामझूला पुल पर भ्रमण किया। इसके अलावा स्वर्गाश्रम के गंगा घाट पर पूजा-अर्चना कर गंगा मां से आशीर्वाद भी लिया। स्वीडन नरेश और उनके 43 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने विश्व विख्यात रामझूला पुल से पैदल चलकर गंगा को पार किया।

राम झूला पुल पर चलते हुए उन्होंने कई जगह रुककर गंगावा आसपास की वादियों ने उन्हें अपना दिवाना बना दिया। बता दें कि राज्य सरकार ने स्वीडन नरेश की यात्रा को देखते हुए क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इसके बाद वह रामझूला-स्वर्गाश्रम के गंगा माता मंदिर घाट पर पहुंचे। करीब आधा घंटे तक पूजा अर्चना के बाद उन्होंने गंगा जल का आचमन किया। पौने ग्यारह बजे वह हरिद्वार के लिए रवाना हो गए। इस दौरान वह पुलिस की चौकसी में रहे।

जैसे की स्वीडन के राजा-रानी अपने भारत यात्रा पर हैं। पूरे देश में देवभूमि विख्यात है तो कैसे राजा-रानी इससे दूर रह सकते थे। उन्होंने इस दौरान उत्तराखण्ड यात्रा का भी फैसला लिया। गुरुवार को सुबह 10 बजे स्वीडन नरेश विशेष विमान से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। जहां से उनका काफिला तीर्थनगरी ऋषिकेश के लिए रवाना हुआ। 10 बजकर 40 मिनट पर उनका काफिला मुनिकीरेती पहुंचा।