हरे हैं साल 2013 के जख्म, केदारनाथ ट्रैक पर नरकंकाल तलाशने के लिए उत्तराखण्ड पुलिस की टीम रवाना

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देहरादून: साल 2013 में उत्तराखण्ड में आपदा के बाद जगह-जगह पर नर कंकाल मिल रहे हैं। इसे देखते हुअा उत्तराखण्ड पुलिस ने  उत्तराखंड पुलिस ने केदार घाटी में लापता लोगों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। बता दें कि  घाटी में कई जगह नर कंकाल मिलने के बाद हाईकोर्ट ने वर्ष 2016 में पुलिस को सर्च ऑपरेशन चलाने के आदेश दिए थे। इस सर्च ऑपरेशन के लिए  शुक्रवार को 35 सदस्यीय टीम केदार घाटी रवाना हुई है, इस बारे में एडीजी अशोक कुमार ने जानकारी दी।

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उन्होंने बताया कि चमोली की पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट, रुद्रप्रयाग के पुलिस अधीक्षक प्रहलाद मीणा, देहरादून के एसपी (यातायात) लोकेश्वर, आईपीएस मंजूनाथ, आईपीएस अजय सिंह के नेतृत्व में पांच टीमों का गठन किया गया है। पुलिस के इस अभियान में अगर नरकंकाल मिलते हैं तो DNA सैंपल के बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अभियान केदारनाथ, गौरीकुंड और कालीमठ जैसे इलाकों में चलाया जाएगा। आपदा के दौरान साढ़े तीन हजार लोग लापता हुए थे और केवल साढ़े चार सौ शव बरामद हुए।

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आपकों बता दें कि साल 2016 में त्रियुगीनारायण में 31 कंकाल मिले थे। ऐसे में पुलिस के ताजा अभियान को अहम माना जा रहा है। गढ़वाल रेंज के डीआईजी अजय रौतेला ने बताया कि क्षेत्र में एक बार फिर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, जिससे सुनिश्चित किया जा सके कि कोई नरकंकाल खुले में मौजूद नहीं हो।