हल्द्वानी में घूस लेते पकड़ा गया अधिकारी, आज कोर्ट में होगी पेशी

हल्द्वानी:शहर में सतर्कता विभाग की टीम को बड़ी कामयाबी मिली है। सतर्कता टीम ने बृहस्पतिवार शाम को लोनिवि के प्रधान लिपिक को सरस मार्केट में पांच हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपित लिपिक अधीक्षण अभियंता प्रदीप चंद्र पांडे नैनीताल के कार्यालय में तैनात है। पकड़ जाने के बाद सतर्कता विभाग ने आरोपी से पूछताछ की। इसके बाद बताया जा रहा है कि टीम अब लोकवि के अधिकारियों से भी बात करेगी। शिकायतकर्ता लोक निर्माण विभाग का पंजीकृत ठेकेदार है। उसने लालकुआं तहसील भवन का 2015 में ठेका लिया था। विभाग के पास बजट नहीं था तो काम को बीच में ही रोकना पड़ा। इस साल काम पूरा हो गया। काम को लेकर ही ठेकेदार ने लोनिवि को एक प्रार्थनापत्र दिया था। साथ ही वह अधीक्षण अभियंता द्वितीय वृत्त नैनीताल के प्रधान लिपिक प्रदीप चंद्र पांडे से मिला।

प्रदीप पांडे ने अधीक्षण अभियंता ने काम कराने के एवेज में दस हजार रुपये मांगे। ठेकेदार ने पहले चार हजार रुपये प्रधान लिपिक को दिए। 22 अक्तूबर को प्रधान लिपिक ने ठेकेदार को काम स्वीकृत होने की सूचना दी। साथ ही आगें की कार्यवाही को आगें बढ़ाने के लिए बकाए 6 हजार रुपए देने की मांग की। तोलमोल करने के बाद प्रधान लिपिक पांच हजार रुपये देने पर काम करने के लिए तैयार हो गया।

ठेकेदार ने प्रधान लिपिक को सबक सिखाने का प्लान बना लिया था। इस मामले में 23 अक्तूबर 2019 को सतर्कता विभाग कार्यालय में पहुंचा और प्रधान लिपिक के खिलाफ लिखित शिकायत की। इस मामले में सतर्कता विभाग के एसपी ने प्राथमिक जांच कराई जो सही पाई गाई। एसपी ने निरीक्षक पीके उप्रेती के नेतृत्व में लिपिक को पकड़ने के लिए एक दस्ते का गठन किया।

योजना के तहत ठेकेदार ने गुरुवार को सरस मार्केट में प्रधान लिपिक को बुलाकर पांच हजार रुपये दिए। इसी समय सतर्कता विभाग की टीम ने प्रधान लिपिक को रंगेहाथ पकड़ लिया। प्रधान लिपिक जेकेपुरम मुखानी का रहने वाला है। सतर्कता विभाग ने प्रदीप पांडे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। उसे शुक्रवार को अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।  

टीम को मिलेगा इनाम
एसपी अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वरिष्ठ लिपिक की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने पर सतर्कता विभाग के निदेशक ने पुलिस टीम को पांच हजार नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए टोल फ्री नंबर 18001806666 पर सूचना देने और फेसबुक, वाट्सएप नंबर 9456592300 पर भी सतर्कता विभाग को जानकारी देने की अपील की है।