देहरादून : उत्तराखंड में क्रिकेट को मान्यता देने की प्रक्रिया दोबारा शुरू हो गई है। सोमवार को इस दिशा में उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन और यूनाइटेड क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारियों ने BCCI की एफिलिएशन कमिटी के सदस्य सबा करीम,जीएम क्रिकेट ऑपरेशन अंशुमन गायकवाड़ के सामने मान्यता की दावेदारी पेश की। इस मौके पर यूनाइटेड क्रिकेट एसोसिएशन ने सीएयू के साथ मर्ज होने का पत्र भी बीसीसीआई के अधिकारियों को दिया। कमेटी ने उन्हें मंगलवार को सीएयू के साथ बैठक में पहुंचने को कहा है।

देहरादून के निजी होटल में उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप सिंह,सचिव चंद्रकांत आर्य,उपाध्यक्ष पंकज सहगल और संयुक्त सचिव आर. एस. चौहान ने एफिलिएशन कमिटी के सामने अपना पक्ष रखा। उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन ने अपने द्वारा राज्य भर में क्रिकेट को बढ़ावा देने व सबसे पुराना संघ होने के बारे में बताया। वहीं यूनाइडेट क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव संजय गुसाई ने संघ द्वारा क्रिकेट को बढ़ावा व युवाओं की प्रतिभा निखारने का दावा कमेटी के सामने रखा। दोनों ही संघ के अधिकारियों को कमेटी ने दो घंटे का वक्त अपनी बात रखने को दिया।

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उत्तराखण्ड में पिछले लंबे वक्त से एसोसिएशनों के बीच मान्यता को लेकर मतभेद चल रहा है। इस क्रम में बीसीसीआई ने चारों एसोसिएशन को 21 बिंदुओ पर रिपोर्ट पेश करने को कहा है और रिपोर्ट के आधार पर ही मान्यता को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा। बता दें कि साल 2018 में उत्तराखण्ड क्रिकेट टीम ने पहली बार घरेलू सीजन में भाग लिया था। टीम ने अपने प्रदर्शन में बताया था कि आने वाले दिनों में वो अपनी पहचान घरेलू क्रिकेट में स्थापित कर सकती है।