नन्हें मेहमान के आने से पहले तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचेगा लाल, सदमें में उत्तराखण्ड

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जम्मू-कश्मीर में हुई मुठभेड़ में भारतीय फौज के 4 जवान शहीद हो गए। इस लिस्ट में दो जवान उत्तराखण्ड के रहने वाले थे। राइफलमैन हमीर सिंह और मनदीप सिंह की शहादत की खबर ने पूरे राज्य में कोहराम मचा दिया है। पूरा उत्तराखण्ड अब पाकिस्तान ने उनकी शहादत की कीमत चाहता है।

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राइफलमैन हमीर सिंह उत्तरकाशी जिले के पोखरियाल गांव के रहने वाले थे।हमीर पोखरियाल ने आतंकियों से लड़कर अपनी जान कुर्बान कर दी जिसने एक बार फिर पूरे उत्तराखण्ड में देशभक्ति की मिसाल पेश की है। हमीर पोखरियाल भारतीय सेना में 36 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे । उनकी पोस्टिंग बांदीपुरा में थी।सोमवार की शाम आतंकियों ने गुरेज सेक्टर में घुसपैठ कर दी। इस भयंकर गोलाबारी में हमीर पोखरियाल शहीद हो गए।  उनकी शहादत की खबर मंगलवार को उनके परिवार को दी गई। खबरों की मानें तो मंगलवार सुबह 36 राष्ट्रीय राइफल के अधिकारी का फोन आया। फोन हमीर की पत्नी पूजा ने उठाया था। अधिकारी ने पत्नी को इस बारे में जानकारी नहीं दी और परिवार में किसी और सदस्य को फोन देने को कहा। उसके बाद अधिकारी ने हमीर के भाई सुनील सिंह को उनके शहादत की खबर दी।

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इस खबर के पूरे परिवार व गांव में मातम छा गया है। हमीर की पत्नी पूजा गर्भ से हैं। हमीर अप्रैल में घर आए थे और पूरे घर में नन्हे मेहमान के आने की तैयारी चल री थी लेकिन किसे पता था कि हमीर अपने आने वाले बच्चे के लिए केवल कहानी बन जाएंगे। ढाई साल की बेटी अवनी घर में मौजूद लोगों से पूछ रही है कि मम्मी क्यों रो रही है जिसने लोगों के आंखों में आंसू ला दिए। हमीर का परिवार भारतीय के कई सदस्य भारतीय फौज में है। पिता  पिता एसएसबी में तैनात हैं, वो फिलहाल अमरनाथ ड्यूटी पर हैं। वहीं चाचा शैलेंद्र सिंह गढ़वाल राइफल में असम में तैनात हैं, वहीं दूसरे चाचा आलेंद्र सिंह जम्मू में अपनी ड्यूटी दे रहे हैं।

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