हल्द्वानी: बीसीसीआई की नई टीम गठित हो गई है, जिसकी कमान दादा के कंधों पर हैं। भारत के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली ने बुधवार को बीसीसीआई के अध्यक्ष के रूप में पद ग्रहण किया। पहला ही दिन उत्तराखण्ड के लिए अच्छी खबर लेकर आया। उत्तराखण्ड में क्रिकेट ढांचे के सुधार के लिए बोर्ड से राज्य संघ मदद मिलेगी। बीसीसीआई क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड को सालाना 40 करोड़ रुपये देगा। बीसीसीआई ने अपने वार्षिक बजट में उत्तराखंड के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। अगस्त में राज्य को पूर्ण मान्यता मिली थी। इसके बाद अब प्रदेश में क्रिकेट और क्रिकेटरों की बेहतरी के प्रयास शुरू किए जा रहे हैं। संघ को बीसीसीआई से मिलने वाले 40 करोड़ से मैदानों का निर्माण व रखरखाव, खिलाड़ियों की सुविधाओं, कोचिंग, सपोर्टिंग स्टाफ व दफ्तर कर्मियों के वेतन-भत्तों और कार्यालय का खर्च दिया जाएगा।

इस बारे में बीसीसीआई उपाध्यक्ष महिम वर्मा ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसी सत्र से राज्य को इसका लाभ मिलने लगेगा। इससे खिलाड़ियों की कोचिंग, मैदान की सुविधाओं व अन्य व्यवस्थाओं में सुधार होगा। महिम वर्मा क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड में सचिव भी हैं। कुछ दिन पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि संघ की कोशिश रहेगी कि पहाड़ों में क्रिकेट को बढ़ावा मिले। प्रत्येक जिले में एक मैदान का निर्माण कराया जाएगा ताकि पूरा साल क्रिकेट खेलने का मौका युवाओं को मिले। इसके अलावा सीजन खत्म होने के बाद उत्तराखण्ड के घरेलू खिलाड़ियों को बाहर के टूर कराए जाएंगे, जिससे कि उनका अनुभव बढ़े।

इससे पहले बुधवार को BCCI के परिणामों की घोषणा के बाद अध्यक्ष सौरव गांगुली समेत अन्य पदाधिकारियों ने महिम वर्मा की ताजपोशी की। गांगुली उन्हें उपाध्यक्ष कक्ष में ले गए और कुर्सी पर बैठाया। उन्होंने महिम को बुके भी भेंट किया। इस मौके पर सीएयू अध्यक्ष जोत सिंह गुनसोला, पूर्व अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट, पूर्व सचिव पीसी वर्मा, अमर सिंह मेघवाल भी मौजूद रहे।