हल्द्वानी: उत्तराखण्ड का क्रिकेट से नाता काफी पुराना रहा है। देवभूमि की प्रतिभा ने क्रिकेट के मैदान पर हर वो काम जिसने राज्य का नाम क्रिकेट डायरी में रोशन किया है। उत्तराखण्ड क्रिकेट टीम अपने राज्य गठन के बाद से घरेलू क्रिकेट खेलने के सपने देख रही थी। पूरे 18 साल बाद टीम को घरेलू क्रिकेट खेलने का मौका मिला है।

गुजरात विजय हजारे अभियान के लिए पहुंची उत्तराखण्ड टीम को बिहार ने पहले मैच में मात दे दी। टीम ने इस हार से हताश ना होकर सीखना बेहतर समझा और 24 घंटों में नतीजा बदल दिया। 21 सितंबर की तारीख उत्तराखण्ड क्रिकेट इतिहास में अमर हो गई है। टीम ने विजय हजारे ट्रॉफी के दूसरे मैच में पौंडिचेरी को 65 रनों से हरा घरेलू क्रिकेट को अपनी प्रतिभा की झलक दी है।

karanveer kaushal scored 101 against poundcery in vijay hazare

उत्तराखण्ड की इस जीत में पहाड़ को तीन युवाओं मे अपनी बल्लेबाजी से लोगों का दिल जीत लिया। सबसे पहले ताबड़तोड़ बल्लेबाज करणवीर कौशल की। पहले मैच में मात्र 13 रनों पर आउट होने वाले करणवीर दूसरे मैच में किसी अलग ही अंदाज में दिखे। पहला विकेट जल्दी गिर जाने के बाद भी देहरादून के कौशल ने अपना संयम नहीं खोया और शानदार 101 रनों की पारी खेली। उनकी पारी में 9 चौके और 2 छक्के भी शामिल थे। उन्होंने दूसरे विकेट के लिए वैभव भट्ट के साथ 173 रन जोड़े, जो उत्तराखण्ड की जीत की अहम कड़ी साबित हुई।

vaibhav bhatt

उत्तराखण्ड क्रिकेट टीम में शामिल हल्द्वानी के वैभव भट्ट और सौरभ रावत ने भी अपनी प्रतिभा का जौहर दिखाया। वैभव ने करणवीर के साथ टीम को संकट से उभारा। उन्होंने शानदार 73 रनों की पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 1 छक्का शामिल था। वैभव जब बल्लेबाजी करने आए थे तो टीम का स्कोर 2 रन पर एक विकेट था। बिहार के खिलाफ प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए वैभव ने करणवीर के साथ मिलकर टीम को शानदार मूमेंटम दे दिया।

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टीम मजबूत स्थिति पर जरूर थी लेकिन उसे एक ताबड़तोड़ पारी की तलाश थी जो उसके स्कोर को 300 के पास पहुंचाए। बिहार के खिलाफ खाता खोलने में नाकाम रहने वाले सौरभ रावत ने पौंडिचेरी के गेंदबाजों की गेंदों का धागा खोल दिया। सौरभ ने मात्र 20 गेंदों में शानदार 35 रनों की पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 4 चौके और 2छक्के भी लगाए। सौरभ की पारी के बदौलत उत्तराखण्ड टीम निर्धारित 50 ओवर में 291 रनों पर पहुंच पाई। उत्तराखण्ड क्रिकेट टीम ने पौंडिचेरी को 65 रनों से हरा बताया कि भले ही घरेलू क्रिकेट में उनका जन्म नया है लेकिन वो अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने में सक्षम है। टीम की इस जीत के साथ फैंस को उम्मीद है कि आने वाले मैचों खिलाड़ी उन्हें जीत का तोहफा जरूर देंगे।