जहां पढ़ने का सपना देखते हैं दुनियाभर के करोड़ो छात्र वहां पढ़ेगा हल्द्वानी का पीयूष

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हल्द्वानी: दिवाली से पहले उत्तराखण्ड राज्य के ऐसी खुशखबरी आई है जिसने देशभर में राज्य का नाम रोशन किया है। पहाड़ की प्रतिभा ने एक बार फिर अपने परिश्रम का लोहा मनवाया है। हल्द्वानी रामपुर रोड के रहने वाले पीयूष वर्मा पुत्र स्वर्गीय कन्हैया लाल वर्मा का चयन दुनिया की सबसे बड़ी शोध संस्थान MIT यूनाइडेट स्टेट्स (Massachusetts Institute of Technology) में हुआ है। यह वहीं MIT है जहां केवल दुनिया भर के मेधावी छात्रों को प्रवेश मिलता है। पीयूष के चयन के बाद उन्हे राज्यभर से बधाई मिल रही है।

पियूष इस वर्ष MIT से पूर्ण स्कॉलरशिप के साथ प्रवेश प्रस्ताव मिला है। बता दें कि यूनिवर्सिटी 93 नोबेल पुरस्कार विजेताओं के संस्थान को दुनियाभर के सबसे संस्थाओं के रूप में जाना जाता है। पीयूष को टाटा सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी  और डिजाइन फेलोशिप मिली है, जो कि दुनिया के चुने हुए मेधावी छात्रों को मिलती है । रिसर्च के साथ पीयूष को वास्तुकला में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त होगी। पीयूष की रिसर्च भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट को हल करने के विषय पर है। मौजूदा वक्त में पीयूष बोस्टन में एमआईटी परिसर में रह रहे हैं।

पीयूष बचपन से काफी मेधावी रहे है। उन्होंने इससे पहले आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई की। वह इसी दौरान रिसर्च के लिए ऑस्ट्रेलिया चाइना सिंगापुर समेत विभिन्न देश गए। इसी बीच उन्हें कई नौकरी के ऑफर मिले लेकिन उन्होंने उसे ठुकराकर पढ़ाई और रिसर्च जारी रखने का फैसला लिया। पीयूष को वास्तु कला व डिजाइन के क्षेत्र में नेशनल और इंटरनेशनल पुरस्कार मिल चुके हैं। साल 2013 में  पीयूष वर्मा तमिलनाडु के राज्यपाल द्वारा पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। पीयूष आगे समाज के लिए वास्तुकला व डिजाइन के क्षेत्र में काम करना चाहते हैं। पीयूष की माता आशा वर्मा अध्यापिका हैं वहीं बहन पूजा वर्तमान में कनाडा में कार्य कर रही है। पीयूष ने अपनी कामयाबी का क्षेय  अपने परिवार व गुरूजनों को दिया।