उत्तराखण्ड का एक और वीर देश के लिए शहीद , शहादत से पहले जाना था परिवार का हाल

2460

हल्द्वानी: राज्य के एक लाल ने भारत मां की रक्षा के लिए अपने प्राण निछावर कर दिए। पिछले एक महीने में उत्तराखण्ड के 6 वीरों ने देश के लिए अपनी जान दी है। एक बार फिर पहाड़ के बेटे ने बताया कि देश की रक्षा के लिए अपनी जिंदगी देना ही सबसे बड़ा धर्म है। जानकारी के अनुसार तीर्थनगरी ऋषिकेश  गंगा नगर निवासी 28 वर्षिय प्रदीप रावत पुत्र कुँवर सिंह रावत जम्मू के उड़ी सेक्टर में हुए विस्फोट में शहीद हो गए। प्रदीप रावत  4th गढ़वाल राइफ़ल में सिपाही के तौर पर तैनात थे। प्रदीप के शहादत की खबर उनके परिवार को सेना के अधिकारियों ने दी है।

Image may contain: 1 person, hat and close-up

बताया जा रहा है कि 13 अगस्त की शाम तक प्रदीप का पार्थिव शरीर उनके घर  ऋषिकेश पहुंचेगा। इस खबर के बाद शहीद के परिवार में मातम पसर गया। घर पर माँ, बहन व पत्नी का रो-रोकर हुआ हाल हो गया, वही प्रदीप रावत की शादी को लगभग एक वर्ष ही हुआ है औऱ पत्नी गर्भवती बतायी जा रही है, तथा प्रदीप रावत की पिता कुंवर सिंह रावत भी सेना से सूबेदार मेजर के पद से सेवानिवृत्त है। बताया जा रहा है कि आज सुबह ही प्रदीप ने अपने परिवार के सदस्यों से फोन पर बात की थी और घर का हालचाल जाना था। प्रदीप रावत 3 बहनों में इकलौते भाई थे। 1 साल पहले ही प्रदीप की शादी हुई थी और उनकी पत्नी 7 माह की गर्भवती है। शहीद का परिवार मूलरूप से बैराई गांव दोगी पट्टी टिहरी गढ़वाल का रहने वाला है।

अभी एक हफ्ते पहले ही राज्य के वीर हमीर सिंह और मनदीप रावत भी जम्मू में आतंकी मुठभेड़ में शहीद हुए थे। सीमा से लगातार आ रही इस तरह की घटनाओं की खबरों ने पूरे राज्य में कोहराम मचा दिया है। पूरा देवभूमि पाकिस्तान से अपने वीर सपूतों की शहादत का बदला चाहता है।