BCCI ने किया साफ, उत्तराखण्ड क्रिकेट टीम चयन समिति में नहीं होगा राज्य का कोई भी सदस्य

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हल्द्वानी: उत्तराखण्ड में क्रिकेट का बीज बोने के लिए बीसीसीआई ने कवायत शुरू कर दी है। इसी दिशा में मंगलवार को देहरादून में राज्य क्रिकेट संचालन समिति की बैठक नंदा की चौकी स्थित होटल में आयोजित हुई। बैठक में मुख्य रूप से बीसीसीआई के प्रतिनिधि के रूप में और कांसेंसस कमेटी के सदस्य प्रो. रत्नाकर शेट्टी, राहुल जोहरी एवं रचित मेहरोत्रा शामिल हुए।   इसके अलावा बैठक में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के हीरा सिंह बिष्ट व महिम वर्मा, उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन के प्रदीप सिंह व चंद्रकांत आर्य, यूनाइटेड क्रिकेट एसोसिएशन के संजय गुसाई और उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन के दिव्य नौटियाल भी शामिल रहे।

बैठक में बीसीसीआई प्रतिनिधियों ने संघ पदाधिकारियों में राज्य में मैदानों की स्थिति के बारे में पूछा। उन्हें बताया गया कि राज्य में देहरादून और हल्द्वानी में इंटरनेशनल स्टेडियम है। वहीं देहरादून, काशीपुर व हल्द्वानी में मौजूद प्राइवेट क्रिकेट ग्राउंड के बारे में भी जानकारी दी गई। बैठक में फैसला लिया गया कि क्रिकेट संचालन समिति का कार्यालय रायपुर स्थित स्टेडियम में होगा। वहीं बीसीसीआई प्रतिनिधियों ने बताया कि 15 दिन बाद बैठक का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद तय किया जाएगा कि टीम का चयन कैसे होगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही ओपन ट्रायल आयोजित किए जाएंगे, जिसमें प्रदेश का कोई भी खिलाड़ी हिस्सा ले सकेगा।  इसके अलावा रत्नाकर सेठी ने साफ किया कि खिलाड़ियों का चयन बीसीसीआई के चयनकर्ता ही करेंगे। ट्रायल पर होने वाले खर्च का भुगतान भी बीसीसीआई करेगा। संचालन समिति को ट्रायल के लिए मैदान व अन्य व्यवस्थाएं करनी होंगी। बीसीसीआई ट्रायल प्रक्रिया की मॉनिटरिंग भी करेगा।

बीसीसीआई प्रतिनिधियों ने बताया कि उत्तराखंड की टीम चयन समिति में कोई भी सदस्य राज्य से नहीं होगा। चयन होने के बाद टीम के लिए कोच और ट्रेनर भी राज्य से नहीं होंगे।  ऐसा इसलिये क्योंकि अभी राज्य में किसी के पास ऐसी योग्यता नहीं है। बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ ही राज्य की क्रिकेट टीम का चयन और खिलाड़ियों के हित में एकजुटता पर बल दिए जाने की बात की। बैठक में तय किया गया कि मानसून तक टीम का चयन नहीं किया जायेगा। लिहाजा, सितंबर से टीम चयन की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।