क्रिकेट के मैदान से आ गई खुशखबरी, हल्द्वानी में 27 से हो सकते हैं रणजी के ट्रायल

395

हल्द्वानी: कुछ लम्हें ऐसे होते है जिन्हे जीने के लिए सालों की परिश्रम व इंतजार करना पड़ता है। उत्तराखण्ड में क्रिकेट की बात करें तो ये राज्य प्रतिभाओं के धनी रहा है लेकिन इसका दुर्भाग्य रहा कि यहां के युवाओं को क्रिकेट मान्यता ना होने से खेलना का मौका नहीं मिला। किसी ने बाहर खेलकर अपने सपने को जिया तो किसी के आंखों के सामने उसके क्रिकेट खेलने के सपनों ने दम तोड़ दिया। दो दशक बाद क्रिकेट देवभूमि पहुंचा है। नई पीढ़ी अपने सपनों के उड़ान देने लगी है। उत्तराखण्ड की रणजी टीम होगी, इस बात ने खेलने वाले व खेल से जुड़े लोगों को उत्साहित किया हुआ है।

उत्तराखण्ड की रणजी टीम के लिए 20 अगस्त से पंजीकरण शुरू हो जाएंगे। पंजीकरण के एक हफ्ते बाद खिलाड़ियों के ट्रायल शुरू हो जाएंगे। यह जानकारी उत्तराखण्ड क्रिकेट कांसेंसस कमेटी के सदस्य व पूर्व संसाद बलराज पासी ने दी। उन्होंने बताया कि सीएयू के सचिव महिम वर्मा की ओर से यूसीसीसी के संयोजक प्रो. रत्नाकर सेट्टी को सीनियर टीम के चयन के लिए प्रस्तावित कार्यक्रम भेज गया है।

abhishekh

प्रो. सेट्टी ने 27,28 अगस्त को हल्द्वानी, 29,30 को काशीपुर और 31 और एक सितंबर को देहारदून में ट्रायल की तारीक सुझाई है। पहाड़ों में टर्फ विकेट के ना होने से इन तीन शहरों में ट्रायल का आयोजन हो रहा है। बता दें कि विजय हजारे ट्रॉफी के लिए भी उत्तराखण्ड की सीनियर टीम चुनी जानी है। इसके अलावा 20 अगस्त को होने वाली बैठक में इन सभी मामलों में बात चर्चा होगी, जिसके बाद चयन की तस्वीर पूरी तरह से सामने आ पाएगी। बता दे कि ट्रायल में धंधाली को रोकने के लिए यह ट्रायल ओपन होंगे।

 हल्द्वानी में उत्साहित है युवा खिलाड़ी

उत्तराखण्ड क्रिकेट को मान्यता मिलने के बास से शहर के खिलाड़ियों में अलग सा जोश देखने को मिला है। इस विषय में हिमालयन क्रिकेट एकेडमी के कोच दान सिंह कन्याल ने बताया कि पिछले जो महीने से खिलाड़ियों में अलग सा उत्साह देखने को मिल रहा है।

अब उन्हें पता है कि अच्छे प्रदर्शन का मतलब राज्य की टीम में जगह बनाना है। उन्होंने बताया कि हर खिलाड़ी को खेलने का मौका नहीं मिल सकता है लेकिन दूसरो से अनुभव लेकर इस खेल को लेकर उसकी समझ बढ़ सकती है। सीनियर खिलाड़ी के साथ अभ्यास करने को लेकर युवा काफी उत्साहित रहते है जो देखकर काफी अच्छा लगता है।